बैतूल , मई 06 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की भीमपुर तहसील के ग्राम बर्राढाना में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड में 24 परिवार बेघर हो गए। आग ने घर, अनाज, कपड़े और वर्षों की जमा पूंजी को नष्ट कर दिया, जिसके बाद प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन बिताने को मजबूर हैं।
घटना के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर तात्कालिक राहत सामग्री उपलब्ध कराई, लेकिन स्थायी पुनर्वास को लेकर अब तक कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें शुरुआती सहायता के रूप में कुछ राशन, कपड़े और सीमित आर्थिक मदद मिली, जो उनके दीर्घकालिक संकट के मुकाबले अपर्याप्त है।
इसी मुद्दे को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। शिवसेना जिला अध्यक्ष विजेंद्र गोले ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रारंभिक राहत के बाद पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों की उपेक्षा की जा रही है और मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास हो रहा है।
उन्होंने मांग की कि सभी प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ प्रदान कर जल्द से जल्द पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए, ताकि वे अपने घरों का पुनर्निर्माण कर सकें और सामान्य जीवन में लौट सकें।
यह अग्निकांड न केवल कई परिवारों को प्रभावित कर गया है, बल्कि आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन परिवारों के पुनर्वास के लिए कब तक ठोस और समयबद्ध कदम उठाता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित