बर्दवान , मई 26 -- पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही बर्दवान सदर उत्तर उप-मंडल के शिक्षक बड़ी संख्या में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े शिक्षक संगठन में शामिल हो रहे हैं।

इनमें कई ऐसे लोग जो पहले तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में थे और कुछ वामपंथी विचारधारा से जुड़े लोग मंगलवार को बर्दवान टाउन स्कूल में आयोजित अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) के सदस्यता और परिचय कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस बैठक का आयोजन एबीआरएसएम पूर्वी बर्दवान जिला समिति और एबीआरएसएम (एसई) सदर टाउन-2 सर्किल द्वारा किया गया था।

एबीआरएसएम के सचिव पार्थसारथी घोष ने कहा, "हम देख सकते हैं कि अवसरवादी लोग इसमें घुसने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन यह संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की विचारधारा पर चलता है। इसलिए हम यहां भी एक 'फिल्टर' (छानबीन की प्रक्रिया) का इस्तेमाल करेंगे। अगर अवसरवादी लोग आते भी हैं, तो उन्हें प्रवेश नहीं मिलेगा। काम ऊपर से मिले निर्देशों के अनुसार ही किया जाएगा।"उन्होंने कहा कि जल्द ही एक सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा। भविष्य की योजनाओं के बारे में घोष ने कहा, "हम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे। हमने पहले भी ऐसा किया है। नई सरकार जिस दिशा में आगे बढ़ रही है, उससे लगता है कि वह भ्रष्टाचार की ओर नहीं जाएगी। अगर ऐसा होता है, तो हम आंदोलन में शामिल हो जाएंगे।"उन्होंने योग्य शिक्षकों के मुद्दे पर कहा कि यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है और संगठन अदालत के फैसले को स्वीकार करेगा। उन्होंने कहा, "हमारा संगठन आरएसएस के आदर्शों से निर्देशित होता है। नीति, आदर्श, शिष्टता और विनम्रता ही हमारी मुख्य पूंजी हैं। इन्हें हर हाल में बनाए रखा जाना चाहिए। हमें नई सरकार से बहुत उम्मीदें हैं और हम उन पर पैनी नज़र रखे हुए हैं।"बैठक में एबीआरएसएम के अध्यक्ष ध्रुवज्योति घोष और प्रदेश उपाध्यक्ष शिबमणि साहू भी उपस्थित थे।

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