वाराणसी , अगस्त 3 -- बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) और वाराणसी नगर निगम के बीच ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के अनुरूप बरेका टाउनशिप में वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल ठोस अपशिष्ट प्रबंधन लागू करने के लिए दो महत्वपूर्ण सेवा समझौतों पर सोमवार को हस्ताक्षर किए गए।
महाप्रबंधक आशुतोष पंत और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की उपस्थिति में बरेका की ओर से उप मुख्य इंजीनियर साकेत तथा वाराणसी नगर निगम की ओर से अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने सेवा समझौता प्रपत्रों का आदान-प्रदान किया। समझौते के तहत वाराणसी नगर निगम बरेका की डंप साइट पर वर्षों से संचित लीगेसी वेस्ट का बायो-रिमेडिएशन, वैज्ञानिक प्रसंस्करण और सुरक्षित निस्तारण करेगा। वहीं एक अन्य समझौते के तहत, जिसकी अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई है, बरेका टाउनशिप से प्रतिदिन उत्पन्न होने वाले नगरपालिका ठोस अपशिष्ट का संग्रहण, परिवहन और वैज्ञानिक प्रसंस्करण किया जाएगा।
समझौते के अनुसार बरेका निर्धारित डस्टबिनों में कचरे का संग्रह करेगा, जबकि वाराणसी नगर निगम निर्धारित मासिक सेवा शुल्क पर उसके परिवहन एवं वैज्ञानिक प्रसंस्करण की जिम्मेदारी निभाएगा। बरेका ने बताया कि यह पहल 'जीरो-लैंडफिल' लक्ष्य की प्राप्ति, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन तथा स्वच्छ, हरित और सतत वाराणसी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दोनों संस्थानों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए भविष्य में भी सतत अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में संयुक्त रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर शैलेंद्र कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक सागर सहित बरेका और वाराणसी नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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