चंडीगढ़ , अक्टूबर 28 -- आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी जसवीर सिंह गढ़ी ने चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन में दलित नेता रंजीत सिंह तरखान माजरा से कथित मारपीट की निंदा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से जवाब मांगा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक ओर दलित अधिकारों की बात करती है, जबकि उसके अपने कार्यालय में एक दलित नेता के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है।

श्री गढ़ी ने बुधवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रंजीत सिंह तरखान माजरा पूर्व सरपंच और पूर्व मार्केट कमेटी अध्यक्ष हैं। उनके अनुसार, श्री माजरा ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत देकर बरिंदर सिंह ढिल्लों पर मारपीट करने, जातिसूचक शब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। श्री गढ़ी ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि श्री चन्नी को स्पष्ट करना चाहिए कि वह दलित नेता की गरिमा के साथ खड़े हैं या अपने करीबी सहयोगी का बचाव करेंगे। श्री गढ़ी के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

श्री चन्नी की सोशल मीडिया पोस्ट में 'केजीएफ' का उल्लेख करते हुए श्री गढ़ी ने इस संक्षिप्त नाम को 'कुट्टिया, घसीटिया और फेंटिया' से जोड़कर कांग्रेस में दलित नेताओं के कथित व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने श्री चन्नी की उस सोशल मीडिया पोस्ट पर भी आपत्ति जताई, जिसमें कथित तौर पर पंजाबियों से हथियार उठाने और हल छोड़ने का आह्वान करने वाले गीत का प्रचार किया गया था। गढ़ी ने कहा कि पंजाब हिंसा का दर्द झेल चुका है और नेताओं को ऐसे संदेशों के प्रभाव पर विचार करना चाहिए।

श्री गढ़ी ने कांग्रेस से दलित नेताओं के सम्मान, प्रतिनिधित्व और राजनीतिक अधिकारों पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने भाजपा से भी पूछा कि रंजीत सिंह तरखान माजरा की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई है या नहीं और अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

आप नेता ने चंडीगढ़ प्रशासन से शिकायत की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित