उमरिया , अगस्त 20 -- मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में मानसून के आगमन के साथ विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की प्राकृतिक खूबसूरती अपने चरम पर पहुंच गई है। लगातार हो रही बारिश से रिजर्व के पहाड़ों और घाटियों में हरियाली छा गई है। पहाड़ों से प्राकृतिक झरने फूट पड़े हैं, जबकि ताल-तलैया, झील और पोखर पानी से लबालब हो गए हैं तथा नदियां भी उफान पर हैं।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि बारिश के बाद घने जंगलों से घिरी बांधवगढ़ पहाड़ी की चोटी से दूध जैसी सफेद जलधारा नीचे गिरती दिखाई दे रही है। बादलों से घिरे पहाड़, हरे-भरे जंगल और घास के मैदानों के बीच झरनों का दृश्य मनमोहक बना हुआ है।

उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष एक जुलाई से 30 सितंबर तक कोर जोन पर्यटन के लिए बंद रहता है। हालांकि, इस अवधि में बांधवगढ़ का प्राकृतिक सौंदर्य अपने अलग रूप में दिखाई देता है। कोर और बफर जोन में फैली हरियाली, बादलों से ढके पहाड़, वर्षाजल से भरे ताल-तलैया और मौसमी झरने जंगल को नया जीवन प्रदान करते हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार बरसात का मौसम जंगल की सुंदरता बढ़ाने के साथ वन्यजीवों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। बारिश के दौरान जंगल में पानी और चारे की पर्याप्त उपलब्धता रहती है तथा वर्षा का पानी लंबे समय तक वन्यजीवों के लिए उपयोगी रहता है।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर बांधवगढ़ का यह रूप दर्शाता है कि यह क्षेत्र केवल बाघों और अन्य वन्यजीवों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी मनोहारी प्राकृतिक छटा के कारण भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है।

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