वाराणसी , मई 30 -- धार्मिक नगरी काशी में रविवार को विशाल भारत संस्थान की ओर से लमही स्थित सुभाष भवन, इन्द्रेश नगर में 'बनारस मुस्लिम अधिवेशन' का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार अधिवेशन में सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विषयों पर व्यापक संवाद होगा।
संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यक्रम में 'मोदी और मुसलमान', 'हिंदू और मुसलमान', घुसपैठ, बनारसी साड़ी उद्योग, मुस्लिम समाज से जुड़े रोजगार और उद्योग, आपसी संबंध तथा समाज में बढ़ती नफरत जैसे विषयों पर खुली चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अधिवेशन में समाजशास्त्र, इतिहास, राजनीति और भारत के प्रति सामाजिक जुड़ाव जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा। कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पूर्व प्रोफेसरों, इतिहासकारों, समाजसेवियों तथा बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों के शामिल होने की संभावना है।
डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार 'मोदी और मुसलमान' विषय पर चर्चा के दौरान पिछले 12 वर्षों में मुस्लिम समाज में आए बदलावों और केंद्र सरकार की नीतियों के प्रभाव पर प्रतिभागियों के अनुभवों एवं विचारों को सुना जाएगा। साथ ही उन आशंकाओं और धारणाओं पर भी चर्चा होगी जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के समय व्यक्त की गई थीं।
हिंदू-मुस्लिम संबंधों पर प्रस्तावित सत्र में सामाजिक समरसता, पारस्परिक संवाद और विभिन्न समुदायों के बीच सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर विचार किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि बनारसी साड़ी उद्योग जैसे क्षेत्रों में हिंदू और मुस्लिम समुदायों की साझा भागीदारी लंबे समय से रही है, इसलिए आर्थिक और सामाजिक सहयोग के नए आयामों पर भी चर्चा की जाएगी।
आयोजकों के अनुसार अधिवेशन का उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा सामाजिक, आर्थिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित