वाराणसी , फरवरी 21 -- वाराणसी नगर निगम छह माह के भीतर बनारस शहर को गार्बेज फ्री सिटी (कूड़ा मुक्त शहर-जीएफसी) बनाने के लिए तेजी से कार्यरत है। इस क्रम में जल्द से जल्द कूड़ा डंपिंग सेंटरों को पोर्टेबल कंप्रेसर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) में तब्दील करने का निर्णय लिया गया है। इसी कड़ी में हरतीरथ (विशेश्वरगंज) और औरंगाबाद स्थित कूड़ा घरों को दो माह के भीतर बंद करने का लक्ष्य रखा गया है।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने शनिवार को हरतीरथ, औरंगाबाद तथा पीलीकोठी कूड़ा घरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हरतीरथ व औरंगाबाद स्थित कूड़ा घरों को विलोपित करने के लिए चयनित स्थलों का परीक्षण शीघ्र कराने का निर्देश दिया, ताकि इन दोनों स्थलों पर पोर्टेबल कंप्रेसर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) स्थापित किया जा सके। साथ ही पीलीकोठी ट्रांसफर स्टेशन की व्यवस्था का भी जायजा लिया।

नगर निगम को वर्ष 2025 में गार्बेज फ्री सिटी के तहत थ्री स्टार रेटिंग प्राप्त हुई थी। इस बार निगम ने फाइव स्टार रेटिंग के लिए आवेदन किया है। इसे ध्यान में रखते हुए हरतीरथ व औरंगाबाद कूड़ा घरों को भी शीघ्र बंद करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत निगम ने अब तक 27 में से 21 कूड़ा डंपिंग सेंटरों को पूरी तरह विलोपित कर दिया है। इसमें पिछले डेढ़ साल के भीतर छह कूड़ा घरों को बंद किया गया। वहीं पांच स्थानों पर रिफ्यूज कंप्रेसर तथा तीन स्थानों को पोर्टेबल कंप्रेसर ट्रांसफर स्टेशन (पीसीटीएस) में परिवर्तित किया जा चुका है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित