वाराणसी , सितंबर 24 -- काशी के बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के हुनर को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने के लिए 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में बनारसी साड़ी से लेकर सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क, ग्लास बीड्स, वुडन लाकर वेयर और बनारसी खान-पान तक के उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे।
काशी की पहचान बनारसी सिल्क साड़ी और ब्रोकेड से लेकर पारंपरिक हस्तशिल्प तक फैली है। यूपीआईटीएस में वाराणसी के कारीगरों और उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने तथा देश-विदेश के खरीदारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें नए बाजार तलाशने और उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
उपायुक्त उद्योग (प्रवर्तन), हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, वाराणसी कुसुम ने बताया कि हथकरघा एवं वस्त्र विभाग की ओर से यूपीआईटीएस में 13 उद्यमी बनारसी साड़ी, स्टोल, ड्रेस मटेरियल और सूट-सिल्क साड़ी समेत विभिन्न उत्पादों के स्टॉल लगाएंगे।
सहायक आयुक्त उद्योग केशव यादव ने बताया कि वाराणसी से 45 लोगों ने पंजीकरण कराया है। इनमें एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी), एमएसएमई, जीआई उत्पाद, निर्यातक, एक जिला एक व्यंजन तथा मुख्यमंत्री युवा योजना से जुड़ी महिला उद्यमी शामिल हैं।
ट्रेड शो में बनारसी साड़ी एवं ब्रोकेड, जरी-जरदोजी, हैंड एम्ब्रॉयडरी, बनारसी जंगला साड़ी, गुलाबी मीनाकारी, वुडन लाकर वेयर, लकड़ी के खिलौने, ग्लास बीड्स और सॉफ्ट स्टोन जाली वर्क के साथ बनारसी पान, तिरंगा बर्फी और लौंगलता भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी ने कहा कि यूपीआईटीएस के माध्यम से काशी के बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
राज्य पुरस्कार प्राप्त हस्तशिल्पी आदर्श मौर्या ने कहा कि इस तरह के मंच से हस्तशिल्पियों को सीधे देश-विदेश के खरीदारों से जुड़ने और अपने उत्पादों का उचित मूल्य पाने का अवसर मिल रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित