गोरखपुर , मार्च 15 -- सड़क परिवहन को लेकर राहगीरों को सुगम यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान दे रही है और अंतरशहर परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक बसों की सेवा के बाद अब लंबी दूरी वाले स्थानों के लिए भी सरकार डीजल चालित बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसों के संचलन पर फोकस कर रही है।
गोरखपुर परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह के अनुसार ऐसा ही एक परियोजना प्रयोग गोरखपुर से भी प्रारंभ होने जा रहा है। इसके तहत जल्द ही गोरखपुर के दो प्रमुख बस स्टेशनों से 20 नई इलेक्ट्रिक बसें अयोध्या, बनारस, सोनौली सहित अलग.अलग महत्वपूर्ण मार्गों पर दौड़ती नजर आएंगी।
गोरखपुर से दूसरे कई महत्वपूर्ण गंतव्य के लिए इलेक्ट्रिक बसों के संचलन के निर्णय को योगी सरकार की तरफ से .ईको. फ्रेंडली. परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। गोरखपुर से नेपाल बॉर्डर स्थित सोनौली, वाराणसी, अयोध्या, बलिया, तमकुहीराज, लार रोड पर इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा शुरू करने के लिए यूपी रोडवेज को नई इलेक्ट्रिक बसें मिल चुकी हैं।
श्री सिंह के अनुसार गोरखपुर को ईको फ्रेंडली परिवहन के प्रथम चरण में 20 इलेक्ट्रिक बसें मिली हैं। इनमें से छह बसें बाबा विश्वनाथ की नगरी बनारस ;वाराणसी. के लिए चलेंगी। वाराणसी जाने वाली बसों में तीन बसें गाजीपुर मार्ग से और तीन बसें आजमगढ़ मार्ग से संचालित की जाएंगी। इसके अलावा तीन बसें प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या, तीन बसें बलिया तक, तीन बसें सोनौली तक, तीन बसें तमकुहीराज और दो बसें लार रोड तक चलाई जाएंगी।
बसों का रूट चार्ट इस प्रकार तैयार किया गया है कि पूर्वांचल के सभी महत्वपूर्ण शहरों तथा पर्यटन स्थलों को और मजबूत कनेक्टिविटी मिल सके। शुरुआती चरण में 20 बसों में से नौ बसें कचहरी बस स्टेशन से चलाई जाएंगी जबकि 11 बसों का संचलन गोरखपुर रेलवे बस स्टेशन से किया जाएगा। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए सबसे बड़ी जरूरत चार्जिंग स्टेशन की होती है। इसके लिए गोरखपुर स्थित राप्तीनगर में हाईटेक चार्जिंग स्टेशन बनकर लगभग तैयार हो चुका है। जो भी कार्य बचे हैं उन्हें इसी माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। चार्जिंग स्टेशन शुरू होते ही इलेक्ट्रिक बसों का संचलन नियमित रूप से शुरू हो जाएगा।
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