हल्द्वानी , मार्च 26 -- उत्तराखंड में नैनीताल जिले के हल्द्वानी के बनभूलपुरा भूमि मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया तेज कर दी है। गत 21 मार्च से इलाके में लगातार विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं, जहां प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रभावित लोगों को सात हजार से अधिक फार्म बांटे जा चुके हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक सात हजार से अधिक फॉर्म बांटे जा चुके हैं, अब तक एक हजार से अधिक लोगों द्वारा फार्म जमा भी कर दिया है। वनभूलपुरा भूमि मामले में शीर्ष अदालत के निर्देशों के बाद प्रशासन ने जमीनी स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बनभूलपुरा क्षेत्र में लगातार छह विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़ना है इन कैंपों में बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं और योजना से जुड़ने के लिए आवेदन फॉर्म ले रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार अब तक सात हजार से अधिक फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो इस बात का संकेत है कि लोग इस योजना को लेकर गंभीर और उत्साहित हैं। कैंपों में मौजूद अधिकारी लोगों को योजना की पात्रता, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी जा रही हैं, ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो।
राज्य विधि प्राधिकरण के सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी ने बताया कि शीर्ष अदालत के आदेश पर बनभूलपुरा में छह कैंप लगाए गए है अब तक सभी कैंपों में सात हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना के फार्म लोगो को वितरित किए जा चुके है साथ ही एक हजार फार्म लोगो द्वारा जमा भी किए जा चुके है कैंप में फार्म भरवाने से लेकर नोटरी की व्यवस्था की गई है ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक कैंप का आयोजन होगा। उन्होंने बनभूलपुरावासियों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग अपना फार्म जमा करे उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आवाहन करते हुए कहा कि वह स्थानीय लोगों की कागजी कार्यवाही में मदद करे ताकि समय रहते कैंप पर उनका फार्म जमा हो सके और सरकार की योजना का लाभ उन्हें मिल सके।
श्री त्रिपाठी ने बताया कि शिविरों के तहत अब तक सात हजार से अधिक आवेदन फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जबकि एक हजार से ज्यादा फॉर्म जमा भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया शासन और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप संचालित की जा रही है तथा लोगों को हर संभव सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने मीडिया के माध्यम से क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग 31 मार्च तक अपने आवेदन फॉर्म जमा करने का प्रयास करें, क्योंकि वर्तमान में यही अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। यह भी बताया गया कि प्रशासन ने प्रत्येक स्टॉल पर नोटरी की व्यवस्था की है, ताकि लोगों को दस्तावेजों के सत्यापन के लिए इधर-उधर न जाना पड़े और मौके पर ही नोटराइजेशन की सुविधा मिल सके।
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