बदायूं , सितंबर 22 -- उत्तर प्रदेश में बदायूं जिले की पाक्सो अदालत ने चार वर्षीय मासूम के साथ घिनौनी वारदात करने वाले दरिंदे को 20 साल का कठोर कारावास और एक लाख 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), कोर्ट संख्या-2 नीरज कुमार गर्ग की अदालत ने अभियुक्त पवन कश्यप को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और कुल 1 लाख 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति दी जाएगी।
विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि मामला थाना इस्लामनगर क्षेत्र के मोहल्ला मटिया का है। वादिनी मुकदमा और पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कारण मुकदमे के अनुसार, नौ दिसंबर 2024 की दोपहर करीब ढाई बजे उसकी चार वर्षीय मासूम बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। तभी पड़ोस में रहने वाला अभियुक्त पवन कश्यप उसे बहला-फुसलाकर अपने कमरे में ले गया और उसके साथ दरिंदगी की। कुछ देर बाद जब वह लहूलुहान हालत में बच्ची को छोड़कर भागा, तो परिजनों को घटना की जानकारी हुई। इसके बाद थाने में बीएनएस और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया।
पुलिस ने विवेचना के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) वीरेंद्र सिंह वर्मा ने अभियोजन की ओर से पीड़िता, चिकित्सकों और विवेचक सहित कुल 8 गवाहों को पेश कर दस्तावेजी साक्ष्य साबित कराए। मेडिकल रिपोर्ट और मासूम पीड़िता के धारा 183 बीएनएसएस के बयानों ने अभियुक्त के जुर्म को अदालत में संदेह से परे साबित कर दिया।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अभियुक्त को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 65(2) तथा 5M/6 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाया। अदालत ने अपराध की जघन्यता को देखते हुए दोषी पवन कश्यप को अधिकतम 20 साल के सश्रम कारावास की सजा के साथ 1.20 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। न्यायाधीश ने कहा कि जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को 4 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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