बदायूं , अगस्त 29 -- उत्तर प्रदेश के बदायूं की दातागंज कोतवाली में पुलिस हिरासत के दौरान युवक की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। मृतक के भाई की तहरीर पर उसके ममेरे भाई समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
राजेश (28) की मौत के बाद परिजनों की ओर से पुलिस पर भी सवाल उठाए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पोस्टमार्टम पैनल से कराया और कोतवाली की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के अनुसार पोस्टमार्टम में मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट सामने आया है और शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं।
एसएसपी के मुताबिक दातागंज कोतवाली की सीसीटीवी फुटेज में राजेश पहले थाने में जमीन पर लेटा दिखाई देता है। इसके बाद वह उठकर बैठता है और करीब चार बजे शौचालय की ओर जाता है। शौचालय से वापस आने के बाद वह अचानक फर्श पर गिर जाता है। इसके बाद पुलिसकर्मी तत्काल उसके पास पहुंचते हैं और उसे अस्पताल ले जाते हैं।
एसएसपी ने बताया कि परिजनों या किसी अन्य माध्यम से राजेश के साथ पुलिस द्वारा मारपीट या प्रताड़ित किए जाने की बात सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी और जांच में किसी की लापरवाही या गलती सामने आने पर उसके अनुसार कार्रवाई होगी।
इस बीच राजेश के भाई की ओर से पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में उसके ममेरे भाई रघुवीर के साथ हुए विवाद का उल्लेख किया गया है। इसी तहरीर के आधार पर रघुवीर समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। अब पुलिस की जांच का एक अहम पहलू यह होगा कि गांव में हुए विवाद और उसके बाद राजेश की मौत के बीच कोई संबंध था या नहीं।
पुलिस के अनुसार अटसेना गांव में मंदिर पर भंडारे के दौरान डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों में विवाद और मारपीट हुई थी। इसी मामले में पुलिस दोनों पक्षों को थाने लेकर आई थी। दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति को चोट लगी थी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। राजेश का शांति भंग की कार्रवाई में चालान किया गया था।
इसी दौरान थाने में उसकी तबीयत बिगड़ गई। पुलिस उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दातागंज लेकर पहुंची, जहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
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