अहदाबाद , मई 22 -- चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान रितुराज गायकवाड़ ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 की शुरुआत खिलाड़ियों के चोटों और तीन हार के साथ करने के टीम ने आखिरी लीग मैच तक प्लेऑफ की उम्मीद को बनाये रखा। उन्होंने कहा कि बदलाव के इस दौर में मुझे टीम के प्रदर्शन पर गर्व है।

चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल सीजन का अंत 14 मैचों में छह जीत और आठ हार के साथ किया। गुरुवार को गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली हार के बाद गायकवाड़ ने कहा कि वह इस टीम पर गर्व महसूस करते हैं क्योंकि यह एक बदलाव के दौर से गुजर रही टीम है। सीजन के आखिरी हिस्से में लगी चोटें, खासकर तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर जेमी ओवर्टन और रामकृष्ण घोष की गैरमौज़ूदगी टीम को उस समय पीछे ले गई, जब उन्होंने अच्छी लय पकड़ ली थी।

उन्होंने कहा, "हमारी शुरुआत बेहद मुश्किल रही थी क्योंकि हमें लगातार तीन हार का सामना करना पड़ा था। उसके बाद जब हमें मोमेंटम मिला, तब खिलाड़ियों को सही जगह पर खिलाना, सही कॉम्बिनेशन बनाना, यह सब कुछ काम करने लगा। फिर लगातार कुछ चोटें लगीं, जिससे हमें फिर नुकसान हुआ। विशेषकर जेमी और एक अन्य ऑलराउंडर रामकृष्ण घोष की कमी ने हमारी प्लेइंग 11 को अस्थिर कर दिया। आखिरी तीन मैचों में हम या तो एक बल्लेबाज कम खेल रहे थे या हमारे पास एक गेंदबाज कम था। बहुत लोग इस बात को नहीं मानते कि हम एक युवा टीम हैं और बदलाव के दौर में हैं। विशेषकर इतनी कठिन प्रतियोगिता में, हमारे पास इतने अनुभवी खिलाड़ी नहीं हैं। लेकिन यह भी सच है कि हमारी टीम में आठ से दस खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने 20 से भी कम मैच खेले हैं। ऐसे में इस साल उन्हें जो अनुभव मिला, वह बेहद अहम है। हमें यह समझ आया कि हमारी कमी कहां है, लेकिन फिर भी छह जीत हासिल करना और कुछ शानदार जीत दर्ज करना, इस यूनिट पर गर्व करने वाली बात है।"गायकवाड़ ने कहा, "जब हम हैदराबाद गए थे, तब हम 10 ओवर में 84 रन का पीछा नहीं कर पाए। पिछली बार चेन्नई में भी हम उन्हें 180 तक रोक सकते थे। कुछ मैच ऐसे थे जहां हम जीत के बहुत करीब थे, लेकिन फिनिश नहीं कर पाए। फिर भी मुझे इस टीम पर गर्व है। अजिंक्य रहाणे या अंबाती रायुडू जैसे खिलाड़ियों के जाने के बाद, जो 2023 की खिताबी टीम का हिस्सा थे, अब हमारे पास कार्तिक शर्मा, उर्विल पटेल और ब्रेविस जैसे युवा खिलाड़ी हैं। ब्रेविस को भी शुरुआत में मौक़े नहीं मिले थे। कार्तिक ने काफी प्रभावित किया। उनमें आगे बढ़ने की काफी क्षमता है, हालांकि अभी कई क्षेत्रों में सुधार की ज़रूरत है। उर्विल पहली बार पूरा सीज़न खेल रहा थे, तो जाहिर है उन पर उम्मीदों का दबाव भी रहा होगा। लेकिन यह अच्छा है कि इन सभी खिलाड़ियों को अनुभव मिला और अगले साल हम और मजबूत होकर लौटेंगे।"टीम में एमएस धोनी का एक बड़ा नाम ऐसा भी था, जो चोट के कारण पूरे सीजन एक भी मैच नहीं खेल पाए। हर साल की तरह इस बार भी सवाल वही है- क्या वह अगले साल, 45 साल की उम्र में खेलेंगे।

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