उदयपुर , सितम्बर 12 -- भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के सहायक महानिदेशक डॉ. एस.के. शर्मा ने कहा है कि बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप पशुचिकित्सा प्रसार शिक्षा का पुनर्विन्यास एवं पुनः अभिमुखीकरण आवश्यक है।
डाॅ शर्मा शनिवार को यहां राजस्थान में उदयपुर के पशुचिकित्सा महाविद्यालय नवानिया द्वारा पशुचिकित्सा एवं पशुधन क्षेत्र की उभरती चुनौतियों के समाधान और पशुचिकित्सा प्रसार सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक एवं पशुपालक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से आयोजित 11वें राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
दो दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों एवं क्षेत्रों से कुल 200 वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने शिरकत की। सम्मेलन के दौरान पशुचिकित्सा प्रसार शिक्षा एवं सेवाओं के पुनर्विन्यास, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और पशुपालकों तक तकनीकी जानकारी प्रभावी रूप से पहुंचाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने व्यापक मंथन किया।
डाॅ शर्मा ने कहा कि प्रसार सेवाओं को नवीनतम तकनीकों से जोड़कर वैज्ञानिक एवं उपयोगी जानकारी का अधिकतम लाभ पशुपालकों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं विकसित भारत की संकल्पना के अनुरूप शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों को आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहित आधुनिक तकनीकों के विवेकपूर्ण एवं आवश्यकता -आधारित उपयोग पर भी बल दिया।
समापन समारोह में राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर के अधिष्ठाता डॉ. लोकेश गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पशुचिकित्सा महाविद्यालय, नवानिया के अधिष्ठाता एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) शिव शर्मा ने की।
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