दरभंगा , सितंबर 16 -- जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. (डॉ.) नावेद जमाल ने कहा है कि वर्तमान विश्व व्यवस्था अमेरिकी एकध्रुवीय प्रभुत्व से आगे बढ़कर प्रतिस्पर्धात्मक एवं बहुध्रुवीय स्वरूप ग्रहण कर रही है और भारत स्वतंत्र विदेश नीति के माध्यम से इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से आज आयोजित विशेष ऑनलाइन व्याख्यान में "परिवर्तनशील विश्व व्यवस्था में भारत : परमाणु राजनीति, चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस एवं पश्चिम एशिया के साथ संबंध तथा उभरती वैश्विक चुनौतियां" विषय पर व्याख्यान देते हुए प्रो. जमाल ने कहा कि भारत की विदेश नीति पारंपरिक गुटनिरपेक्षता से आगे बढ़कर अब बहुसंरेखण पर आधारित हो गई है। भारत क्वाड, ब्रिक्स और शंघाई सहयोग संगठन जैसे विभिन्न मंचों से राष्ट्रीय हित और विषय के अनुरूप सहयोग कर रहा है।

उन्होंने कहा कि रणनीतिक स्वायत्तता का अर्थ अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से अलग रहना नहीं, बल्कि उसके भीतर स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता बनाए रखना है। इसका निर्धारण राजनीतिक वक्तव्यों के बजाय किसी देश की आर्थिक, औद्योगिक, तकनीकी और सैन्य क्षमता से होता है। भारत जनसंख्या, अर्थव्यवस्था, सैन्य शक्ति, अंतरिक्ष कार्यक्रम और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के आधार पर महत्वपूर्ण शक्ति है, हालांकि प्रति व्यक्ति आय, अनुसंधान एवं विकास, विनिर्माण, ऊर्जा आयात और रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में चुनौतियां हैं।

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