नैनीताल , जुलाई 16 -- देश के प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम चढ़ावा विवाद प्रकरण में कथित आरोपी प्रमोद नौटियाल को गुरुवार को उत्तराखंड उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली। न्यायालय ने उनकी याचिका का निस्तारण करते हुए कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

आरोपी की ओर से उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर उसके खिलाफ दर्ज मामले को निरस्त करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की गयी थी। इस प्रकरण पर आज न्यायमूर्ति आलोक महरा की खंडपीठ में सुनवाई हुई।

आरोपी प्रमोद नौटियाल की ओर से दर्ज याचिका में कहा गया कि वह निर्दोष है और उसे गलत फंसाया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए। राज्य सरकार की ओर से हालांकि अदालत को बताया गया कि याचिका निष्फल हो गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। ऐसे में याचिका का कोई औचित्य नहीं है। ऐसे में अदालत ने भी माना कि याचिका का कोई वजूद नहीं है और बिना राहत दिये निस्तारित कर दिया।

उल्लेखनीय है कि आरोप है कि श्री बदरीनाथ धाम में 'थाली भेंट' की गणना के दौरान वित्तीय गड़बड़ी हुई है। मंदिर समिति की ओर से इस मामले की जांच के लिए विभागीय जांच समिति गठित की गई।

मंदिर समिति ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद कार्मिक प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया। साथ ही आरोपी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

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