चमोली , जुलाई, 17 -- उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा घोटाला की धनराशि एवं दान सामग्री में कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए सह-अभियुक्त राजेन्द्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच के दौरान मिले सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्यों के आधार पर उसकी संलिप्तता सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और साक्ष्य आधारित जांच जारी है तथा दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशन में चल रही विवेचना के दौरान एसआईटी ने थाली भेंट गणना कक्ष की विभिन्न तिथियों की सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया। साथ ही संबंधित कर्मचारियों एवं अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि बीकेटीसी के स्थायी कर्मचारी एवं तत्कालीन मंदिर अधिकारी तथा थाली भेंट गणना प्रभारी राजेन्द्र चौहान ने नामजद अभियुक्त प्रमोद नौटियाल के साथ मिलकर कथित रूप से थाली भेंट के दौरान प्राप्त धनराशि और अन्य दान सामग्री का कुछ हिस्सा अपने कब्जे में लिया।
जांच के अनुसार 22, 25 और 29 जून 2026 की सीसीटीवी फुटेज में राजेन्द्र चौहान कई बार 500 रुपये के नोटों की गड्डियां, दान सामग्री और आभूषण अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिया। इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 61(2)(क) की वृद्धि करते हुए उसे सह-अभियुक्त बनाया गया।
एसआईटी ने आज ज्योतिर्मठ से राजेन्द्र चौहान को गिरफ्तार कर श्री बद्रीनाथ थाने लाया, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार इससे पहले 12 जुलाई को इस मामले के नामजद अभियुक्त प्रमोद नौटियाल को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है।
पुलिस ने बताया कि प्रकरण की विवेचना भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत जारी है और गिरफ्तार अभियुक्त को नियमानुसार न्यायालय में पेश किया जाएगा। एसआईटी का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के दौरान सामने आने वाले प्रत्येक तथ्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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