जालंधर , मई 16 -- देहाती मज़दूर सभा ने पंजाब की जनता से केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ गांवों, कस्बों और शहरों में तीखे विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।

देहाती मज़दूर सभा के अध्यक्ष दर्शन नाहर, महासचिव साथी गुरनाम सिंह दाऊद, कोषाध्यक्ष शमशेर सिंह बटाला और प्रेस सचिव बलदेव सिंह नूरपुरी ने शनिवार को यहां जारी संयुक्त बयान में कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है तथा पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में भारी वृद्धि ने मजदूरों, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग की आजीविका पर गंभीर असर डाला है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि अमेरिका और उसके सहयोगी इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़ी गई जंग ने पहले से संकट में घिरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को और गहरे संकट में धकेल दिया है। उन्होंने युद्ध और युद्ध समर्थक ताकतों के खिलाफ संघर्ष कर रहे ईरान के लोगों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हर मुश्किल समय में भारत का साथ देने वाले ईरान के बजाय आक्रामक शक्तियों के साथ खड़े होकर केंद्र सरकार देश के स्वाभिमान को ठेस पहुंचा रही है और भारत को विश्व समुदाय से अलग-थलग कर रही है।

मजदूर नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर राज्यपाल भवन की ओर मार्च कर रहे किसानों पर चंडीगढ़ पुलिस द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछारों के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की तथा किसानों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने पंजाब भर में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का भी समर्थन करते हुए कहा कि उनकी मांगों को तुरंत स्वीकार किया जाना चाहिए।

इसके अलावा नेताओं ने मांग की कि जातीय जनगणना के लिए बनाए गए फॉर्म में जातिसूचक शब्द शामिल करने वालों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए और फॉर्म से ऐसे शब्द हटाए जाएं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित