बैतूल , जुलाई 6 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की बडोरा कृषि उपज मंडी में आवारा कुत्तों और बंदरों की बढ़ती संख्या किसानों और व्यापारियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। किसानों ने आरोप लगाया है कि इससे न केवल अनाज की नीलामी प्रभावित हो रही है, बल्कि उनकी सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, करीब 17 एकड़ क्षेत्र में फैली बडोरा कृषि उपज मंडी में 17 शेड हैं, जहां प्रतिदिन 20 से 25 हजार क्विंटल तक कृषि उपज की आवक होती है। इन दिनों तेज बारिश के कारण आसपास के जंगलों और आबादी वाले क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कुत्ते और बंदर मंडी परिसर में शरण ले रहे हैं।
किसानों का कहना है कि नीलामी शुरू होने से पहले कई बार आवारा कुत्तों और बंदरों को हटाने का इंतजार करना पड़ता है। उन्हें भगाने का प्रयास करने पर वे आक्रामक हो जाते हैं। कुत्ते अनाज की बोरियों और ढेरों पर चढ़ जाते हैं, जिससे अनाज बिखरने और गंदगी फैलने का खतरा बना रहता है।
आठनेर के किसान परसराम दवंडे ने बताया कि मंडी में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हाल ही में अनाज के ढेर के पास मौजूद दो किसानों पर कुत्तों ने हमला कर दिया। एक किसान हरकचंद यादव पंजों से घायल हो गए, जबकि एक अन्य किसान को कुत्ते ने काट लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मंडी परिसर की माचना नदी की ओर बनी बाउंड्रीवॉल कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है, जिससे आवारा कुत्ते आसानी से परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। वहीं वर्षा ऋतु में सोनाघाटी क्षेत्र से बंदर भी मंडी के शेडों में पहुंच रहे हैं, जिससे कुत्तों और बंदरों के बीच संघर्ष की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
किसानों का कहना है कि मंडी में सुरक्षा गार्ड तैनात होने के बावजूद आवारा पशुओं की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है। उन्होंने मांग की कि किसानों और व्यापारियों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए। मंडी सचिव सुरेश परते ने कहा कि मंडी परिसर में आवारा कुत्तों, बंदरों और अन्य मवेशियों को रोकने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की सुरक्षा को खतरा है तो नगरीय निकाय के सहयोग से इन जानवरों को पकड़वाने की कार्रवाई की जाएगी।
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