रायपुर, 16 मार्च 2026 ( वार्ता ) छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 11वें दिन सोमवार को सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति और धान खरीदी के बाद उठाव में देरी जैसे मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा हुई।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक रामकुमार यादव ने खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग से जुड़ा प्रश्न उठाया। वहीं बस्तर संभाग के आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति को लेकर भी सदन में सवाल उठे।

विधायक लखेश्वर बघेल ने आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर जानकारी मांगी। उन्होंने जिलेवार संचालित आंगनबाड़ी और मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या, भवन विहीन और जर्जर भवनों की स्थिति के साथ पेयजल और शौचालय की उपलब्धता को लेकर सवाल किया। साथ ही यह भी पूछा कि जिन केंद्रों के पास भवन नहीं हैं, वहां निर्माण की स्वीकृति कब तक दी जाएगी।

इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब देते हुए बताया कि प्रदेश में कुल 9876 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 7667 केंद्रों के पास भवन उपलब्ध हैं, जबकि 2209 केंद्र अभी भवन विहीन हैं। उन्होंने कहा कि बजट की उपलब्धता के अनुसार चरणबद्ध तरीके से भवन निर्माण और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

प्रश्नकाल के दौरान सहकारी समितियों में व्यय की राशि पर रोक का मुद्दा भी गूंजा। कांग्रेस विधायक रामकुमार यादव ने धान के रिसाइक्लिंग को रोकने के पीछे के कारणों पर सवाल उठाते हुए कहा कि धान का समय पर उठाव नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी पूछा कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की गई है। साथ ही सक्ती जिले में करीब 30 करोड़ रुपये मूल्य के धान को चूहों द्वारा नुकसान पहुंचने की बात भी उठाई।

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