चेन्नई , मार्च 08 -- मद्रास उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रभा श्रीदेवन ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर रविवार को कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही बराबरी का महत्व सिखाया जाना चाहिए।
सुश्री श्रीदेवन ने श्री रामचंद्र उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एसआरआईएचईआर ) में 'अधिकार, न्याय और कार्रवाई' विषय पर आयोजित समारोह में बोलते हुए कहा कि बराबरी और न्याय सबसे पहले घर पर होना चाहिए, जिससे एक ऐसी पीढ़ी बनेगी जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के साथ बराबरी से पेश आएगी। बच्चों को छोटी उम्र से ही बराबरी का महत्व सिखाया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे लिंग की परवाह किए बिना अपने दोस्तों के साथ बराबरी से पेश आएं और अपनी निजी और पेशेवर ज़िंदगी में निष्पक्षता और सम्मान के मूल्य को बनाए रखें।
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