नयी दिल्ली , जून 03 -- सरकार ने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को बढ़ावा देने को लेकर इसकी मूल कंपनी मेटा के खिलाफ सख्त रूख अपनाया है और इसके अधिकारियों को तलब करने का निर्णय लिया है।
सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े आपत्तिजनक विज्ञापन दिखाए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों को मेटा से जवाब तलब करने के निर्देश दिये हैं। सूत्रों के अनुसार मंत्रालय के अधिकारी इस पूरे मामले में मेटा से स्पष्टीकरण मांगेंगे कि ऐसे विज्ञापन इंस्टाग्राम पर कैसे दिखाए गये और उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए गये।
इससे पहले सरकार ने बुधवार को भारत में व्हाट्सऐप के विवादस्पद 'यूजरनेम फीचर' को लेकर मेटा को नोटिस जारी किया था और चेतावनी दी कि जब तक इस मुद्दे पर बातचीत पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस 'फीचर' को पेश नहीं किया जाए। सरकार ने मेटा को 'यूजरनेम फीचर' के बारे में तीन दिन के अंदर विस्तार से जानकारी देने का भी निर्देश दिया है। सरकार ने मेटा को नोटिस भेजकर पूछा गया है कि व्हाट्सऐप के प्रस्तावित 'फीचर' को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और नियमों के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाये।
बीबीसी की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री मौजूद हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत में इंस्टाग्राम पर ऐसे पेड विज्ञापन चला रहा था, जिनमें 'दुष्कर्म वीडियो' और 'बाल वीडियो' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने अश्लील और आपत्तिजनक सामग्री दिखाए जाने को लेकर पांच ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म (ओटीटी) को प्रतिबंधित किया था। सरकार ने जिन प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई थी, उनमें मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू शामिल हैं।
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