चेन्नई , जून 16 -- द्रमुक अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने बच्चों के खिलाफ अपराधों की बढ़ती घटनाओं को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री विजय पर तंज कसा और इस मुद्दे पर उनकी कथित चुप्पी पर सवाल उठाये।

बच्चों के खिलाफ अपराध की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, मंगलवार को ही लगभग चार घटनायें सामने आई हैं।

श्री स्टालिन ने यहां जारी एक बयान में श्री विजय के पिछले दावों का हवाला दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उनके खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए कुशल अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। मुख्यमंत्री ने "सिंगापेन स्पेशल फोर्स" का गठन करने की जानकारी भी दी थी। इसके बावजूद बच्चों के खिलाफ अपराधों की बढ़ती घटनाओं के मामले में श्री स्टालिन ने श्री विजय को घेरा। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या पीड़ित माता-पिता की चीखें अब भी सरकार तक नहीं पहुंच पाई हैं।

श्री स्टालिन ने पूछा, "बार-बार यह दावा करने के बाद कि सक्षम अधिकारियों को नियुक्त किया गया है और एक एसएसएफ बल का गठन किया गया है, क्या मुख्यमंत्री अभी भी उन माता-पिता की पीड़ा को नहीं सुन पा रहे हैं, जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया है?"उन्होंने कहा, "लोगों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए 'कॉल शीट' कब आएगी? अपराधियों को बिना किसी डर के अपराध करने से रोकने के लिए क्या ठोस कार्रवाई की गई है?"हालिया घटनाओं पर मुख्यमंत्री की चुप्पी को लेकर श्री स्टालिन ने पूछा कि सुरक्षा को लेकर जनता में बढ़ती चिंता के बावजूद मुख्यमंत्री ने चुप्पी क्यों साध रखी है और वह इस मौन से बाहर कब आयेंगे।

इस सुझाव को खारिज करते हुये कि विपक्ष को छह महीने तक शांत रहना चाहिये, उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार की लगातार निष्क्रियता और चुप्पी की वजह से द्रमुक एक बड़ा आंदोलन कर सकती है।

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