बारां , अगस्त 04 -- बच्चों से बढ़ रहे शारीरिक, मानसिक एवं यौन दुर्व्यवहार को रोकने और उन्हें जागरूक बनाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बारां द्वारा मंगलवार को अपेक्स इंटरनेशनल स्कूल में 'गुड टच- बैड टच, स्टे सेफ' विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सत्यनारायण टेलर ने बच्चों को सुरक्षा, जागरूकता और आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण गुर सिखाये। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायाधीश टेलर ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों से शारीरिक, मानसिक और यौन दुर्व्यवहार की घटनाएं चिंता का विषय हैं। ऐसे अपराध बच्चों के मानसिक विकास और भविष्य पर गहरा प्रभाव डालते हैं।
उन्होंने बच्चों से कहा कि वे किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार को सहन न करें, उसके खिलाफ आवाज उठायें और स्वयं अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहें। उन्होंने सलाह दी कि वे अपने माता-पिता, भाई-बहन, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति में से दो लोगों को अपना अंगरक्षक बनायें और किसी भी संदिग्ध या अनुचित घटना की जानकारी तुरंत उन्हें दें। उन्होंने कहा कि 'जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा हथियार है।'जिला न्यायाधीश ने बच्चों को 'गुड टच और बैड टच' के बीच का अंतर समझाते हुए बताया कि कोई स्पर्श उन्हें असहज महसूस कराये तो तुरंत 'न' कहें, वहां से हट जायें और अपने विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। उन्होंने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम एवं किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों से भी अवगत कराया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में 'कोर्ट वाली दीदी' शिकायत पेटी स्थापित की गयी, ताकि बच्चे बिना किसी भय के अपनी समस्याएं और शिकायतें दर्ज करा सकें।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित