रायपुर , सितंबर 24 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी थाना क्षेत्र से एक वर्षीय बच्चे को लेकर फरार हुए युवक को पुलिस ने करीब 280 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद नागपुर के उमरेठ में पकड़ लिया। पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर आरोपी को हिरासत में लिया और दोनों को रायपुर लाया।

पुलिस से गुरुवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब 4.15 बजे भारती ध्रुव (25) और उनके पति धर्मेंद्र ध्रुव (27) घबराए हुए गुढ़ियारी थाने पहुंचे और अपने एक वर्षीय बेटे पृथ्वी के कई घंटों से लापता होने की जानकारी दी। दंपति ने पुलिस को बताया कि मोहल्ले का पवन साहू (23) दोपहर करीब दो बजे बच्चे को अपने साथ ले गया था।

मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने बच्चे की तस्वीर और संदिग्ध युवक की जानकारी के आधार पर तीन टीमें गठित कर तलाश शुरू की। रात करीब आठ बजे तक पवन का कोई सुराग नहीं मिलने पर एक टीम को कुम्हारी टोल प्लाजा भेजा गया। वहां सीसीटीवी फुटेज की जांच में दोपहर पवन बच्चे को बाइक के आगे बैठाकर ले जाता दिखाई दिया।

इसके बाद पुलिस ने राजनांदगांव से नागपुर तक रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ संबंधित क्षेत्रों की स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। फुटेज से पवन के पहले राजनांदगांव और फिर नागपुर की ओर जाने की जानकारी मिली। पुलिस की दो टीमों को सड़क मार्ग से उसके पीछे रवाना किया गया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी रास्ते में बच्चे को खाना-पीना देता रहा और बच्चे के रोने पर उसके लिए दूध भी खरीदा। दुर्ग तक उसने बच्चे को मोटरसाइकिल के आगे बैठाया था। इसके बाद बच्चे को कपड़े की मदद से अपने पेट से बांधकर तेज रफ्तार से मोटरसाइकिल चलाते हुए आगे बढ़ता रहा।

लगातार सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की लोकेशन का पता लगाया। रात करीब 11 बजे पवन नागपुर के उमरेठ पहुंचा, जहां स्थानीय पुलिस की सहायता से उसे पकड़ लिया गया। रायपुर पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया। तड़के बच्चे को रायपुर लाया गया। आरोपी को भी रायपुर लाया गया है। जांच में यह भी पता चला कि रास्ते में पवन ने अपने कुछ साथियों से संपर्क किया था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि पवन और बच्चे की मां भारती की पिछले करीब एक साल से पहचान थी। अगस्त में भारती पवन के साथ नागपुर गई थी और करीब 20 दिन वहां रही थी। उस समय पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर भारती और बच्चे को रायपुर वापस लाया था। भारती ने अपनी मर्जी से पवन के साथ जाने की बात कही थी, इसलिए उस समय पवन के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई थी।

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