मुंबई , जुलाई 31 -- बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को डोंबिवली के शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टर और नर्सों के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार शिवसेना के पार्षद रमेश म्हात्रे की जमानत याचिका यह टिप्पणी करते हुए खारिज कर दी कि मामले की जांच अभी जारी है।
न्यायालय ने कहा कि चूंकि जांच के कई महत्वपूर्ण पहलू अभी लंबित हैं, इसलिए इस चरण पर जमानत नहीं दी जा सकती। मामले की सुनवाई छह अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई है, जबकि श्री म्हात्रे न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।
पार्षद को नौ जुलाई को ठाणे जिले के इस अस्पताल में अपने समर्थकों के साथ चिकित्साकर्मियों पर हमला करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
इस घटना के बाद डॉक्टरों के संगठनों ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया था और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी।
जमानत याचिका का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि जांच महत्वपूर्ण चरण में है, जिसमें आरोपी की पहचान, गवाहों के बयान दर्ज करना और आवाज के नमूने एकत्र करना अभी बाकी है।
जांच की लंबित प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि इस चरण में आरोपी को जमानत पर रिहा करना उचित नहीं होगा।
इस मामले ने महाराष्ट्र में स्वास्थ्यकर्मियों पर होने वाले हमलों को लेकर बढ़ती चिंताओं को एक बार फिर उजागर कर दिया है, जिससे चिकित्सा संगठनों ने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों के लिए मजबूत कानूनी सुरक्षा उपाय और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की अपनी मांग दोहराई है।
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