बैतूल , जून 29 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में सारनी स्थित सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में बंद हो चुके प्लांट-2 और प्लांट-3 के सामने स्थित कैंटीन के नवीनीकरण पर 35 लाख 69 हजार 116 रुपये खर्च किए जाने का कर्मचारियों ने विरोध किया है। कर्मचारियों का कहना है कि जिन इकाइयों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है, वहां स्थित कैंटीन पर बड़ी राशि खर्च करना व्यावहारिक नहीं है।

कर्मचारियों के अनुसार प्लांट-2 और प्लांट-3 से जुड़ी 6, 7, 8 और 9 नंबर इकाइयों को तोड़ने का कार्य जारी है। ऐसे में संबंधित परिसर की कैंटीन के नवीनीकरण की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि इसके बजाय 10 और 11 नंबर इकाइयों के समीप स्थित बंद पड़ी कैंटीन को पुनः शुरू किया जाना अधिक लाभकारी होगा।

कर्मचारियों ने बताया कि वर्तमान में 10 और 11 नंबर इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों को भोजन और चाय के लिए काफी दूरी तय कर पुरानी कैंटीन तक जाना पड़ता है। इससे कार्य समय प्रभावित होता है और सीमित स्टाफ के कारण संचालन व्यवस्था पर भी असर पड़ता है।

उन्होंने आशंका जताई कि जिस कैंटीन के नवीनीकरण के लिए टेंडर जारी किया गया है, वह प्लांट की दो चिमनियों से लगभग 30 मीटर की दूरी पर स्थित है। लगभग 160 मीटर ऊंची इन चिमनियों के भविष्य में ध्वस्तीकरण के दौरान कैंटीन भवन को नुकसान पहुंचने की संभावना भी बनी रह सकती है।

कर्मचारियों ने प्रबंधन से मांग की है कि बंद हो चुके प्लांट क्षेत्र में खर्च करने के बजाय 10 और 11 नंबर इकाइयों के पास स्थित बंद कैंटीन को चालू किया जाए, जिससे कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें और संसाधनों का व्यावहारिक उपयोग सुनिश्चित हो। इस संबंध में प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

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