पटना , अप्रैल 30 -- बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को निजी कंपनियों के माध्यम से चलाने के लिए राज्य सरकार बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) अधिनियम 1985 की धारा 3 में संशोधन करेगी।

इसके लिए बुधवार को सरकार ने कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति प्रदान कर दी है।गन्ना उद्योग विभाग के अनुसार बिहार में राज्य सरकार की ओर से जब चीनी मिलों का अधिग्रहण किया जा रहा था, उस समय बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) अधिनियम 1985 लागू किया गया था, जिससे अधिग्रहण होने वाली चीनी मिलों को राज्य सरकार ही चलाएगी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से संचालित सभी चीनी मिलें धीरे-धीरे बंद हो गई।

राज्य सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को पुन: चालू कराने का निर्णय लिया है, लेकिन उक्त अधिनियम के कारण बंद पड़ी चीनी मिलों को सहकारी संस्थाओं को देने में बाधा उत्पन्न हो रही थी। इसको देखते हुए बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) अधिनियम 1985 की धारा-3 की उपधारा-2 में संशोधन किया जाएगा। राज्य सरकार ने कैबिनेट की बैठक में इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस अधिनियम के संशोधन होने से कोई भी निजी कंपनी, राज्य संपोषित संस्था, सहकारी संस्था या अन्य विभाग को बंद पड़ी चीनी मिलों को चलाने के लिए दिया जा सकता है।

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