इंफाल , सितंबर 22 -- मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को लोगों से राज्य के आर्थिक विकास के लिए मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया और कहा कि वे बंद और नाकेबंदी की बजाय बातचीत के ज़रिए अपनी समस्याओं का समाधान करें।
श्री खेमचंद सिंह इंफाल पश्चिम ज़िला प्रशासन द्वारा खोयाथोंग मल्टीपर्पस कम्युनिटी हॉल में आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सरकारी विभागों और संस्थानों की विभिन्न योजनाओं और सेवाओं को प्रदर्शित करने वाले 30 से ज़्यादा सेवा काउंटर और स्टॉल का दौरा किया और वहां मौजूद लोगों से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि सरकारी योजनाएं और लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहे हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि जहां भी कमियां पाई जाएंगी, सरकार लाभ पहुंचाने के लिए ज़रूरी कदम उठाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों के साथ सीधी बातचीत से ज़मीनी स्तर पर आ रही दिक्कतों को समझने और सरकारी सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
मणिपुर में हाल ही में जनगणना की प्रक्रिया को टालने का ज़िक्र करते हुए श्री खेमचंद सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने लोगों की चिंताओं को केंद्र सरकार के सामने रखा था, जिसके बाद लोगों की चिंताओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रक्रिया को टाल दिया गया।
उन्होंने 2019 में मणिपुर में 'इनर लाइन परमिट सिस्टम' को लागू करने का भी ज़िक्र किया और कहा कि राज्य के लोगों की इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया यह एक और अहम कदम है। तीन मई, 2023 की घटना के बाद राज्य की आर्थिक स्थिति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभूतपूर्व स्थिति ने अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डाला है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान मणिपुर को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में लगभग 475 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जबकि पिछले तीन वर्षों में राज्य के राजस्व संग्रह में लगभग 1,300 करोड़ रुपये की कमी आयी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बंद और नाकेबंदी से आम लोगों, खासकर दिहाड़ी मजदूरों और रोज़मर्रा की आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इस तरह की रुकावटों से बचें और अपनी शिकायतें सरकार या अपने संबंधित विधायकों तक पहुँचाएँ। उन्होंने कहा, "सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है।" उन्होंने कहा कि मुद्दों को चर्चा के ज़रिए सुलझाया जा सकता है।
आर्थिक विकास के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने सिंगापुर का उदाहरण दिया, जो अलग-अलग समुदायों के होने बावजूद आर्थिक विकास के ऊँचे स्तर तक पहुँचा है। उन्होंने कहा कि वहाँ के लोग खुद को सिंगापुरवासी मानते हैं और देश के विकास के लिए मिलकर काम करते हैं। इस कार्यक्रम में विधायक खुमुकचम जॉयकिशन सिंह और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
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