अमृतसर , अगस्त 26 -- सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन (महिता) ने संगत से अपील की है कि लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) द्वारा 29 अगस्त को आयोजित किये जा रहे अरदास समागम में बड़ी संख्या में शामिल होकर पंथक एकता और कौमी जज्बे का परिचय दें।
फेडरेशन के अध्यक्ष भाई अमरबीर सिंह ढोट और महासचिव भाई लखबीर सिंह सेखों ने यहां जारी बयान में कहा कि अपनी सजाएं पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा सिख कौम के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इसी संबंध में एसजीपीसी द्वारा 29 अगस्त को गुरुद्वारा दीवान हाल मंजी साहिब, श्री अमृतसर साहिब में विशेष अरदास समागम आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत 27 अगस्त को श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ होगा और 29 अगस्त को भोग उपरांत बंदी सिंहों की रिहाई तथा उनकी चढ़दी कला के लिए अरदास की जाएगी। उन्होंने समूची सिख जत्थेबंदियों, युवाओं और पंथ प्रेमियों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचकर अरदास में शामिल हों।
भाई ढोट ने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई केवल कुछ व्यक्तियों का मामला नहीं, बल्कि न्याय, मानवाधिकारों और कानून के समान अनुपालन से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सजाएं पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई के लिए सिख समुदाय लगातार आवाज उठा रहा है और एसजीपीसी भी इस मामले के संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक समाधान के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि 29 अगस्त का यह समागम किसी विरोध या टकराव के लिए नहीं, बल्कि गुरु चरणों में विनम्र अरदास और प्रार्थना करने का अवसर है। संगत एकत्र होकर बंदी सिंहों की रिहाई, उनके परिवारों की चढ़दी कला और समूचे समाज के कल्याण के लिए अरदास करेगी।
फेडरेशन नेताओं ने कहा कि सिख संगत को शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी पंथक एकता का प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से भी इस अवसर पर बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की।
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