अमृतसर , अगस्त 26 -- लंबे समय से जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की ओर से 27 अगस्त को उसके प्रबंधन वाले सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारो में श्री अखंड पाठ साहिब आरंभ किये जाएंगे।

एसजीपीसी सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने बुधवार को यहां जारी एक प्रेस बयान में बताया कि एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अध्यक्षता में 22 अगस्त को हुई अंतरिम कमेटी की बैठक में बंदी सिंहों की रिहाई के लिए सभी गुरु घरों में श्री अखंड पाठ साहिब करवाने का निर्णय लिया गया था।

श्री काहलवां ने कहा कि बंदी सिंहों ने अपनी कानूनी सजाओं से कहीं अधिक समय जेलों में बिताया है और उनके साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए सिख समुदाय की ओर से लगातार उठायी जा रही आवाज के प्रति सरकारें गंभीरता नहीं दिखा रही हैं। उन्होंने बताया कि अंतरिम कमेटी के निर्णय के अनुसार 27 अगस्त को पूर्वाह्न 10 बजे एसजीपीसी के प्रबंधन वाले सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारों में श्री अखंड पाठ साहिब आरंभ होंगे, जिनके भोग 29 अगस्त को डाले जाएंगे। इसके साथ ही उनतीस अगस्त को एसजीपीसी के सभी शैक्षणिक संस्थानों में भी पूर्वाह्न 10 बजे श्री सुखमनी साहिब के पाठ किये जाएंगे और बंदी सिंहों की चढ़दी कला के लिए अरदास की जाएगी।

उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई का मामला सिख कौम की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने संगत से अपील की कि वे गांव स्तर पर गुरुद्वारा साहिबानों में एकत्र होकर 29 अगस्त को बंदी सिंहों की रिहाई के लिए अरदास करें।

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