देवरिया , जनवरी 27 -- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला कारागार का मंगलवार को औचक निरीक्षण करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायिक अधिकारी शैलजा मिश्रा ने जेल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी बंदी के विधिक अधिकारों का कत्तई हनन न हो।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया धनेन्द्र प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/सिविल जज (सी.डी.) शैलजा मिश्रा ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उन बंदियों की स्थिति की जानकारी ली जिनकी जमानत हो चुकी है, लेकिन जमानतदार के अभाव में वे अब भी जेल में निरुद्ध हैं। ऐसे बंदियों को उन्होंने आवश्यक विधिक जानकारी भी उपलब्ध कराई।
निरीक्षण के दौरान शैलजा मिश्रा ने जेल लीगल क्लिनिक के अभिलेखों का अवलोकन कर उन्हें सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी बंदी को निःशुल्क विधिक सहायता की आवश्यकता हो, तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया में प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कारागार में निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन तैयार कराने के निर्देश देते हुए महिला बंदियों के लिए पौष्टिक आहार, उनके साथ रह रहे बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था, बच्चों की शिक्षा, स्वच्छता तथा समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
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