बदायूं , अप्रैल 08 -- उत्तर प्रदेश में बंदायू के सहजनी स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) संयत्र में हुए दोहरे हत्याकांड के दो और आरोपियों ने बुधवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस की लगातार कार्रवाई और इनाम घोषित होने के बावजूद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में पुलिस नाकाम रही। पुलिस की कार्रवाई को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। खासकर इनाम की राशि बढ़ाने की जानकारी समय पर सार्वजनिक न होने को लेकर चर्चा तेज हो गयी है।
इस मामले में फरार चल रहे आरोपी मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी निवासी अभय प्रताप उर्फ कल्लू और केशव उर्फ मिचकू लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर थे। पुलिस ने इन दोनों पर पहले 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया था। हैरानी की बात यह रही कि इनाम की राशि बढ़ाए जाने की जानकारी मीडिया को पहले नहीं दी गई। बुधवार को अचानक यह जानकारी सामने आई कि दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
इस संबंध में जब बरेली रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अजय साहनी से संवाददाताओं ने सवाल किया, तो तो उन्होंने बताया कि सात अप्रैल की शाम को इनाम की राशि 25 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गई थी। हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि क्या इनाम बढ़ाने की यह जानकारी उसी दिन मीडिया, सोशल मीडिया या किसी आधिकारिक माध्यम से जारी की गई थी, तो डीआईजी ने कहा कि इनाम की घोषणा सात अप्रैल की शाम को कर दी गई थी, लेकिन किसी वजह से यह जानकारी मीडिया तक नहीं पहुंच पाई होगी।
सूत्रों के मुताबिक,दोनों आरोपी पिछले कई दिनों से अदालत में आत्मसमर्पण की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में सफल नहीं हो सकी। ऐसे में पुलिस की सख्ती के दावों के बीच गिरफ्तारी न हो पाना, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
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