फिरोजाबाद , जुलाई 02 -- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में बंदरों के हमले के दौरान भाई की गोद से छूटकर गिरी पांच माह की मासूम बच्ची की आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। बंदरों के बढ़ते आतंक से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया।
पुलिस के अनुसार थाना दक्षिण क्षेत्र के गांव बासठ निवासी प्रमोद कुमार की पांच माह की पुत्री काव्या बुधवार शाम अपने बड़े भाई कन्हैया के साथ घर की छत पर खेल रही थी। कन्हैया उसे गोद में लेकर टहला रहा था। इसी दौरान बंदरों का एक झुंड छत पर पहुंच गया और उस पर हमला कर दिया। बंदरों से बचने के प्रयास में काव्या उसके हाथ से छूटकर नीचे खड़ंजे पर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
परिजन तत्काल उसे उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां देर रात उपचार के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया।
काव्या अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटी थी। उसके पिता प्रमोद कुमार टाइल्स एवं पत्थर लगाने का कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। देर रात जब परिजन मासूम का शव लेकर गांव पहुंचे तो परिवार में मातम छा गया।
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (सिटी) संतोष कुमार सिंह तथा थाना दक्षिण प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र पाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से घटना की जानकारी ली।
घटना के बाद ग्रामीणों में बंदरों के बढ़ते आतंक को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बंदरों का आतंक बना हुआ है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद नगर निगम ने बंदरों को पकड़ने के लिए कोई प्रभावी अभियान नहीं चलाया। ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी बंदरों के कारण कई लोग घायल हो चुके हैं, जबकि कुछ समय पूर्व एक महिला भी बंदरों से बचने के प्रयास में दो मंजिला मकान से गिरकर घायल हो गई थी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए तत्काल विशेष अभियान चलाने की मांग करते हुए मुख्य मार्ग पर जाम लगाया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित