कोलकाता , जून 03 -- पश्चिम बंगाल सरकार ने 'मां कैंटीन' का नाम बदलकर किया 'मां आहार' किए जाने तथा रियायती भोजन कार्यक्रम के केंद्रों की संख्या 390 से बढ़ाकर 500 करने की घोषणा की है।

यह निर्णय राज्य सचिवालय में बुधवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में लिया गया।

बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि पांच रुपये की कीमत वाला भोजन, जो वर्तमान में 390 केंद्रों पर उपलब्ध है, उसे 110 अतिरिक्त स्थानों पर विस्तारित किया जायेगा, जिससे आउटलेट की कुल संख्या करीब 500 हो जायेगी। उन्होंने कहा, "पहले, तत्कालीन 'मां कैंटीन' कार्यक्रम के तहत 390 स्थानों पर पांच रुपये की कीमत वाला भोजन उपलब्ध था। अब हम 110 नये केंद्र जोड़ेंगे, जिससे आउटलेट की कुल संख्या 500 हो जायेगी। इन केंद्रों को अब 'मां आहार' के नाम से जाना जायेगा।"ममता बनर्जी सरकार में पांच रुपये में पका भोजन मिलने वाले इन रियायती केंद्रों को 'मां कैंटीन' के नाम से जाना जाता था। 'मां कैंटीन' की शुरुआत तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 15 फरवरी 2021 को की थी। इस कार्यक्रम की शुरुआत शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर निवासियों को किफायती पका भोजन उपलब्ध कराने के लिए की गयी थी। लाभार्थी प्रति भोजन पांच रुपये का योगदान करते हैं, जबकि राज्य सरकार 10 रुपये की सब्सिडी प्रदान करती हैं। शहरी विकास विभाग के तहत राज्य शहरी विकास एजेंसी (एसयूडीए) ने इस योजना को खाद्य सुरक्षा पहल के रूप में तैयार किया था। इसका उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद नागरिकों के लिए पौष्टिक पके भोजन तक पहुंच सुनिश्चित करना है।

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