कोलकाता , सितंबर 22 -- पश्चिम बंगाल स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बिना अनुमति अनुपस्थित रहने या निर्धारित नियमों का पालन किए बिना अवकाश लेने वाले प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए।
यह निर्देश सोमवार को विकास भवन से एक अधिसूचना के जरिए जारी किया गया। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि शिक्षकों की लंबे समय तक बिना अनुमति गैर-हाजिरी से सरकारी प्राथमिक स्कूलों में नियमित पढ़ाई-लिखाई की प्रक्रिया पर असर पड़ रहा था।
विभाग ने सभी जिला प्राइमरी स्कूल निरीक्षकों (डीआई) से कहा है कि वे लंबित छुट्टी के आवेदनों और बिना पूर्व स्वीकृति के गैर-हाजिरी के मामलों की जांच करें।
डीआई को निर्देश दिया गया है कि वे छुट्टी पर जाने वाले शिक्षकों की जांच करें और तय करें कि ग़ैर-हाज़िरी सही वजह से थी या नहीं।
निर्देश के अनुसार उन मामलों में छुट्टी मंजूर की जा सकती है जहाँ कोई शिक्षक बिना पूर्व मंजूरी के ग़ैर-हाज़िर रहा हो, लेकिन ऐसा करने के पीछे कोई ठोस या आपातकालीन कारण बता सके। हालाँकि, अगर शिक्षक कोई सही कारण नहीं बता पाता है या गैर-हाजिरी जानबूझकर की गई पाई जाती है, तो छुट्टी मंज़ूर नहीं की जाएगी।
विभाग ने आदेश दिया है कि ऐसे मामलों में संबंधित शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और जहां लागू हो, वहां कानूनी कार्रवाई भी की जाए।
विभाग ने जिला अधिकारियों को उन शिक्षकों के मामलों की जांच करने का भी निर्देश दिया है जो कथित तौर पर नियमों के अनुसार छुट्टी लिए बिना विभिन्न कार्यक्रमों और आंदोलनों में भाग लेने के दौरान अनुपस्थित रहे हैं, जिनमें महंगाई भत्ता और शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से संबंधित कार्यक्रम और आंदोलन शामिल हैं।
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