कोलकाता , सितंबर 05 -- पश्चिम बंगाल सरकार ने दुर्गा पूजा को एक अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक और पर्यटन ब्रांड के तौर पर बढ़ावा देने के लिए एक बड़े वैश्विक प्रचार अभियान की योजना बनाई है। इसके तहत न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर, दुबई के बुर्ज खलीफा और लंदन के पिकाडिली लाइट्स जैसी मशहूर जगहों पर इस त्योहार के बारे में जानकारी दी जाएगी।

'विश्वजूरे बांगालिर आबेग - दुर्गा पूजा ग्लोबल कनेक्ट 2026' नाम के इस अभियान में पूरे भारत के हवाई अड्डाें और रेलवे स्टेशन के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के 1,000 बड़े पूजा पंडाल भी शामिल होंगे।

राज्य सरकार ने डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए कुल दो अरब व्यूज़ और इंप्रेशन का लक्ष्य रखा है। राज्य के पर्यटन विभाग ने इस अभियान को चलाने के लिए एक पेशेवर एजेंसी को नियुक्त करने के लिए 'अनुरोध प्रस्ताव' जारी किया है। इस प्रस्ताव के मुताबिक, मकसद सिर्फ़ दुर्गा पूजा का विज्ञापन करना नहीं है, बल्कि इसे एक वैश्चिक सांस्कृतिक और पर्यटन ब्रांड के तौर पर स्थापित करना है।

यह प्रचार अभियान त्योहार के हर पहलू को दिखाएगा जिसमें मूर्ति बनाने से लेकर कलाकारों और थीम आधारित पंडालों , पारंपरिक घरेलू पूजा, रीति-रिवाजों, रोशनी, संगीत, खाने-पीने, फैशन और त्योहार से जुड़े भावनात्मक पहलू शामिल होंगे। इस अंतरराष्ट्रीय प्रचार अभियान के तहत, न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में प्रीमियम डिजिटल बिलबोर्ड पर दुर्गा पूजा से जुड़ी बातों की डिस्प्ले की योजना है।

इस त्योहार को दुबई में बुर्ज खलीफा के बाहरी हिस्से या इसी तरह के किसी और मशहूर लैंडमार्क पर भी दिखाया जाएगा। लंदन के पिकाडिली लाइट्स पर भी एक खास डिजिटल डिस्प्ले की योजना है। चुनी गई एजेंसी को हर जगह डिस्प्ले की अवधि और दिखाए जाने की आवृति बतानी होगी और उनकी पहुंच का अनुमान भी देना होगा।

पूजा के दौरान न्यूयॉर्क, दुबई, सिडनी, लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट और जापान के बड़े एयरपोर्ट या अहम इलाकों में भी विज्ञापन की योजना है। इस प्रचार अभियान में बंगाली समुदाय के लोगों को भी शामिल करने की कोशिश की जाएगी, जिसके तहत 10 देशों के कम से कम 25 बंगाली संगठनों और सांस्कृतिक संस्थाओं को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा।

हर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम से कम एक संयुक्त प्रचार कार्यक्रम या एक्टिवेशन आयोजित किया जाएगा। इसमें भारतीय दूतावासों और मिशनों को भी शामिल किया जा सकता है और आवश्यकतानुसार विदेश मंत्रालय से मदद ली जा सकती है। प्रचार सामग्री सिर्फ़ अंग्रेज़ी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन देशों की मुख्य भाषाओं में भी तैयार की जाएगी जहाँ यह अभियान चलाया जाएगा।

राज्य सरकार बंगाली समुदाय के दुर्गा पूजा आयोजकों के लिए 'इंटरनेशनल शरद सम्मान' शुरू करने की भी योजना बना रही है।

चुनी हुई पूजा कमेटियों को सर्टिफिकेटऔर अवॉर्ड दिए जाएँगे। विजेताओं का फ़ैसला पर्यटन विभाग की बनाई एक समिति करेगी, जबकि चुनी हुई एजेंसी प्रचार और अवॉर्ड देने का काम संभालेगी।

बंगाल की दुर्गा पूजा दिखाने वाली सामग्री कम से कम 20 अंतरराष्ट्रीय डिजिटल चैनलों पर दिखाई जाएगी, जिसका लक्ष्य कम से कम पाँच करोड़ लोगों तक पहुँचना होगा। एजेंसी को उन देशों, प्लेटफ़ॉर्म और भाषाओं की पहचान करनी होगी जिनसे सबसे अच्छी प्रतिक्रिया मिल सकती है और बाज़ार के हिसाब से रणनीतियाँ बनानी होंगी। इस कार्यक्रम के व्यूज, पहुंच और उससे पड़ने वाले प्रभाव का आकलन सरकारी डैशबोर्ड के ज़रिए किया जाएगा।

इस डिजिटल अभियान में 2,600 इन्फ़्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर शामिल होंगे, जिनमें से हर एक के कम से कम 10 लाख फ़ॉलोअर या सब्सक्राइबर होने चाहिए।

इनमें से कम से कम 60 प्रतिशत यात्रा , पर्यटन, संस्कृति और धरोहर क्षेत्र से चुने जाएँगे, जबकि बाकी इन्फ़्लुएंसर खानपान, कला, फ़ोटोग्राफ़ी, फ़ैशन और लाइफ़स्टाइल श्रेणी से हो सकते हैं। कम से कम 15 प्रतिशत इन्फ़्लुएंसर की विदेशों में पहुंच अनिवार्य है और उन देशों पर खास ध्यान दिया जाएगा जहाँ बंगाली आबादी ज़्यादा है।

भारत में यह अभियान कोलकाता से आगे बढ़कर बड़े शहरों तक पहुँचेगा, जिसमें 150 होर्डिंग, बस शेल्टर, कियोस्क और दूसरे साइनबोर्ड लगाए जाएँगे। इसके साथ साथ दस बड़े हवाई अड्डों और 50 बड़े रेलवे स्टेशनों पर ब्रांडिंग की जाएगी। पश्चिम बंगाल के बाहर के कम से कम 50 बंगाली संगठन और नेटवर्क भी इसमें शामिल होंगे। राज्य में 1,000 बड़े दुर्गा पूजा पंडालों में ब्रांडिंग की जाएगी।

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