कोलकाता , मार्च 09 -- पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के चार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक उम्मीदवार सोमवार को राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुन लिया गया।

तृणमूल कांग्रेस की ओर से राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री बाबुल सुप्रियो, अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी, पूर्व राज्य पुलिस प्रमुख राजीव कुमार और अभिनेत्री कोयल मलिक राज्यसभा के लिए चुने गये। भाजपा के पूर्व बंगाल प्रमुख राहुल सिन्हा भगवा पार्टी की ओर से ऊपरी सदन के लिए चुने गये।

श्री सुप्रियो, श्री कुमार और सुश्री मलिक तीनों ने विधानसभा जाकर रिटर्निंग अधिकारी से अपना विजय प्रमाण-पत्र हासिल किया। सुश्री गुरुस्वामी दिल्ली में होने के कारण विधानसभा नहीं जा सकीं। तृणमूल नेता अरूप बिस्वास ने उनकी ओर से प्रमाण-पत्र हासिल किया।

श्री सिन्हा के नामांकन पत्र में कथित गड़बड़ियों को लेकर थोड़ा विवाद हुआ, जिसके बाद सोमवार को उन्हें आखिरकार बिना किसी विरोध के चुना गया।

सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करायी थी कि श्री सिन्हा ने अपने पहले के उम्मीदवार के फॉर्म से जानकारी की कथित तौर पर "नकल" करके अपना नामांकन पत्र जमा किया था, जिससे कई गड़बड़ियां हुईं।

इस बात पर सवाल उठाते हुए कि कथित गलतियों के बावजूद ऐसा फॉर्म कैसे स्वीकार कर लिया गया, सत्तारूढ़ तृणमूल ने आयोग से दखल देने की मांग की।

श्री सिन्हा को शिकायत के बाद चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए आखिरी समय में और दस्तावेज़ लेकर जाना पड़ा। भाजपा ने जिस अकेली सीट पर चुनाव लड़ा था, उसके लिए पार्टी के पास ज़्यादा संख्या बल होने की वजह से श्री सिन्हा की जीत पक्की मानी जा रही थी, लेकिन दस्तावेज़ों पर हुए विवाद ने थोड़ी देर के लिए अनिश्चितता पैदा कर दी थी। बाद में हालांकि विवाद हल हो गया था।

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