कोलकाता , अगस्त 05 -- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जंतर मंतर के सफल आंदोलन से पश्चिम बंगाल में वामपंथी दलों को मानो संजीवनी मिल गयी है। इन कामयाबी के कारण जोश से लबरेज हुयी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) अगले सप्ताह यहां दो कार्यक्रम आयोजित कर रही है।

माकपा का पहला कार्यक्रम नदिया जिले के कल्याणी में आयोजित होने वाला राज्य स्तरीय सम्मेलन है। यह अगस्त के दूसरे सप्ताह में प्रस्तावित है।

यह सम्मेलन पार्टी संगठन की समीक्षा, छात्र और युवा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने और राज्य में आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए बुलाया गया है। माकपा के राज्य सचिव और पोलित ब्यूरो सदस्य मोहम्मद सलीम सहित कई वरिष्ठ नेताओं के इस सम्मेलन को संबोधित करने और बदले हुये सियासी हालात में पार्टी की भावी रणनीति पेश करने की संभावना है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, चुनावी असफलताओं के बाद आयी सुस्ती को दूर करने और युवा कार्यकर्ताओं को फिर से जोड़ने की कोशिशों के तहत यह सम्मेलन काफी अहम माना जा रहा है।

इसके अलावा, 11 अगस्त को कोलकाता में ही एक दूसरा बेहद खास जलसा होगा, जिसमें आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा शिरकत करेंगी। जंतर मंतर पर चले धरने और 23 दिनों की भूख हड़ताल का नेतृत्व करने के बाद नेहा बोरा वाम दलों का नया युवा सितारा बन कर उभरी हैं। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की छात्रा नेहा अब देश भर में छात्र आंदोलनों का एक खास चेहरा बन चुकी हैं।

यह जलसा आइसा और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (आरवाईए) की राज्य समिति मिल कर आयोजित कर रहे हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित