कोलकाता , मार्च 05 -- पश्चिम बंगाल में अधिकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के क्रम में बुधवार शाम तक 4.5 लाख से अधिक विवादित मतदाताओं का निपटारा कर दिया है। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि जो 56 लाख से अधिक मामले अभी भी लंबित हैं उनके निपटारे में कितना समय लगेगा।

चुनाव आयोग के मुताबिक एसआईआर प्रक्रिया के चलते अब तक पूरे राज्य में मतदाता सूची से करीब 63 लाख नाम हटाए जा चुके हैं। नाम अलग-अलग वजहों से हटाए गए, जिनमें मतदाताओं की मौत, मूल स्थान से उनके कहीं चले जाने, लंबे समय तक गैरहाजिर रहने या दो-दो मतदाता पहचान पत्र निर्गत होना शामिल है। अभी 60,06,675 नाम अदालत के विचाराधीन हैं, जिसका मतलब है कि उनकी पात्रता की अभी भी जांच चल रही है।

एसआईआर प्रक्रिया के लिए नियुक्त जज इन मतदाताओं के जमा किए गए दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। इससे पहले कि वे इस पर आखिरी फैसला लें कि उनके नाम मतदाता सूची में रहने चाहिए या नहीं। बुधवार शाम तक लगभग 4.5 लाख ऐसे विवादित नामों का निपटारा कर दिया गया था।

56 लाख से अधिक मामले हालांकि अभी भी लंबित हैं, इसलिए अधिकारी इस बात को लेकर पक्के नहीं हैं कि इस पूरी प्रक्रिया को पूरा होने में कितना समय लगेगा। आयोग को उम्मीद है कि निपटारे की गति जल्द ही बढ़ जाएगी। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए बिहार और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों से लगभग 200 और जजों को लाया जा रहा है।

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