कोलकाता , जून 22 -- पश्चिम बंगाल की नव निर्वाचित शुभेंदु अधिकारी सरकार ने सोमवार को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का पहला पूर्ण बजट प्रस्तुत किया है जिसमें डबल इंजन सरकार की स्पष्ट झलक दिखाई दी।

बजट में अवसंरचना क्षेत्र के विकास, सामाजिक कल्याण, युवाओं, महिलाओं, लघु उद्योगों के लिए अवसर बढ़ाने के प्रावधानों के साथ-साथ उच्च शिक्षा और खेल-कूद की अवसंरचना पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में एक लाख सरकारी नौकरियों की घोषणा की गयी हैं, जिसमें एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। बजट में राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी को गयी हैं।

वित्त मंत्री डॉ. स्वप्न दास गुप्ता के इस पहले बजट में कुल 4.38 लाख करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान है। बजट में एक लाख युवाओं को सरकार नौकरी देने का वादा किया गया है, जिसमें एक तिहाई नौकरियां महिलाओं के लिए रखी जाएंगी।

राज्य में औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए पांच हजार करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे और इसमें रोजगार परख उद्योगों को प्राथमिकता दी जायेगी।

बजट में कोलकाता में एक नया हवाई अड्डा विकसित करने, पूर्वी मिदनापुर जिले में दादन पत्रबार में गहरे समुद्र वाला एक नया बंदरगाह विकसित करने, उत्तर बंगाल में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) खोलने, दुर्गापुर, आसनसोल में मेट्रो रेल सेवा के लिए सर्वे कराने और दूर्गापुर में एक सेमीकंडक्टर की स्थापना की घोषणा की गयी है। कोलकाता में नये हवाई अड्डा के लिए कल्यानी के नजदीक एक हजार से डेढ़ हजार एकड़ जमीन की भी राज्य सरकार व्यवस्था करायेगी।

वित्त मंत्री ने हर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र में एक -एक लघु खेल स्टेडियम बनाने का ऐलान किया है तथा पुराने रवींद्र सरोवर स्टेडियम समेत क्रीड़ांगनों के नवीनीकरण के लिए डेढ़ सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

बजट में महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक कल्याण के लिए कुल मिलाकर 52300 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान है। उसके बाद पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास के लिए 53836 करोड़ रुपये तथा शिक्षा क्षेत्र के लिए 44948 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

बजट में अन्नपूर्णा योजना के लिए 36000 करोड़ रुपये, बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा के लिए 550 करोड़ रुपये राज्य सहायता तथा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 30000 करोड़ रुपये की एक बार सहायता प्रदान की जाएगी। आशा कर्मियों और आंगनबाड़ी सहायकों की मासिक मानदेय में पांच हजार रुपये की वृद्धि की गयी है।

बजट में राज्य में एक खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की भी घोषणा की गयी है।

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