कोलकाता , जून 22 -- पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को 2026-27 के लिए अपना पहला बजट पेश किया जिसमें नागरिक स्वयंसेवकों और कई तरह के फ्रंटलाइन कर्मियों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी की घोषणा की गयी।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में सत्ता परिवंर्तन से पहले विपक्ष के नेता के रूप में नागरिक स्वयंसेवकों और ग्रीन पुलिस कर्मियों को बार-बार भरोसा दिलाया था कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता में आयी तो उन्हें ज़्यादा सम्मानजनक वेतन मिलेगा।वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने आज जो बजट पेश किया उसमें यह प्रतिबद्धता दिखायी दी।
विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की कि नागरिक स्वयंसेवकों, ग्रीन पुलिस और ग्रीन पुलिस कर्मियों के मासिक वेतन में 2,000 रुपये की बढ़ोतरी की जायेगी और बढ़ा हुआ वेतन इस साल अगस्त से मिलेगा।
बजट में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ज़िम्मेदारी निभाने वाले होम गार्ड और एनवीएफ कर्मियों को भी इसी तरह के फ़ायदे मिलेंगे। उनके मासिक वेतन में भी 2,000 रुपये की बढ़ोतरी की जायेगी। सामाजिक कल्याण एवं शिक्षा क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के रूप में, आंगनवाड़ी कर्मचारियों और आंगनवाड़ी सहायकों को प्रति माह 5,000 रुपये की बढ़ोतरी मिलेगी। पैरा-टीचरों की मासिक सैलरी भी 5,000 रुपये बढ़ायी जायेगी।
इस घोषणा को उन फ्रंटलाइन कर्मियों के योगदान की बड़ी मान्यता के रूप में देखा जा रहा है जो पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कल्याणकारी सेवाओं को बनाए रखने में मदद करते हैं। सुरक्षा से जुड़े कर्मियों के अलावा, सरकार ने ग्रामीण और पशु कल्याण सेवाओं में शामिल वर्कर्स के लिए भी आर्थिक लाभ की घोषणा की।
ग्रामीण इलाकों में पशुपालन और पशु चिकित्सा सहायता प्रणालियों से जुड़े प्राणीबंधु, प्राणीमित्र, प्राणीसेवी, मैत्री और अन्य कर्मचारियों को हर महीने अतिरिक्त 2,000 रुपये मिलेंगे। बजट में विलेज रिसोर्स पर्सन्स के मुआवज़े में बढ़ोतरी का भी प्रस्ताव है जो ग्रामीण विकास योजनाओं के सोशल ऑडिट में शामिल होते हैं। मच्छर और वेक्टर से फैलने वाली बीमारियों को रोकने में लगे वेक्टर कंट्रोल टीम और वेक्टर सर्विलांस टीम के कर्मचारियों को भी वेतन में बढ़ोतरी का फ़ायदा मिलेगा। उनके रोज़ाना के वेतन में मौजूदा दर के अलावा 100 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी की जायेगी। इस वेतन बढ़ोतरी पैकेज से कानून प्रवर्तन सहायता सेवाओं, शिक्षा, ग्रामीण विकास और सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्रों में काम करने वाले हज़ारों कर्मचारियों को फ़ायदा होने की उम्मीद है।
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