मिदनापुर , अगस्त 07 -- पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने झाड़ग्राम जिले के जांबोनी प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) कार्यालय में तैनात एक उप-सहायक इंजीनियर को ठेकेदार से दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

एसीबी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि आरोपी बिमल साहा को गुरुवार को जांबोनी बीडीओ कार्यालय के भीतर ठेकेदार पिंटू मल्लिक से रसायन लगे नोट स्वीकार करते समय पकड़ा गया। कार्रवाई के तुरंत बाद किये गये रासायनिक परीक्षण में चिह्नित नोटों के संपर्क में आने की पुष्टि हुई, क्योंकि जब साहा के हाथों को रासायनिक घोल में डुबोया गया तो उनका रंग बदल गया।

एसीबी ने बताया कि जांबोनी में एक उप-स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण का ठेका पाने वाले मल्लिक अपने बकाया बिल को पास कराने के लिए इंजीनियर के पास गये थे। ठेकेदार ने आरोप लगाया कि साहा ने भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। मल्लिक ने एसीबी के टोल-फ्री भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन के जरिए इसकी शिकायत दर्ज करायी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने कल दोपहर बीडीओ कार्यालय के अंदर जाल बिछाया। साहा के नकदी लेते ही एसीबी की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। कार्यालय में शुरुआती पूछताछ के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने उसके पास से दो लाख रुपये की पूरी रकम बरामद की और कई सरकारी दस्तावेज भी जब्त किये, जिनकी अब जांच की जा रही है।

जांचकर्ताओं ने बताया कि जांबोनी ब्लॉक में स्थानांतरण के बाद साहा को लगभग छह महीने पहले गिधनी बीडीओ कार्यालय में तैनात किया गया था। वह बीरभूम जिले के बोलपुर का निवासी है।

प्रखंड प्रशासन के अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

पश्चिम बंगाल भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के रूप में मुरलीधर शर्मा के पदभार संभालने के बाद यह हेल्पलाइन पहल शुरू की गयी थी।

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