आसनसोल , अगस्त 23 -- पश्चिम बंगाल बर्दवान-दुर्गापुर लोकसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल ) के सांसद कीर्ति झा आज़ाद और चार अन्य लोगों के खिलाफ़ एक व्यापारी को धमकाने, जबरन रकम की मांग करने और आपराधिक साज़िश रचने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गयी है।

यह मामला (नंबर 352/2026) आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (एडीपीसी) के तहत रानीगंज थाना में दर्ज किया गया था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई गैर-ज़मानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें धारा 59, 198, 221, 308(6), 262, 263, 351(3) और 61(2) शामिल हैं।

यह लिखित शिकायत रानीगंज थाना क्षेत्र के हिल बस्ती के रहने वाले राहुल घोष ने दर्ज कराई थी।

क्रिकेटर से नेता बने श्री आज़ाद के अलावा, प्राथमिकी में चार अन्य सह-आरोपियों के नाम भी शामिल हैं। श्री आज़ाद के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) मनोहर सिंह और तीन अन्य करीबी सहयोगी बिस्वजीत चटर्जी, स्वराज घोष और पुरुषोत्तम के नाम शामिल हैं।

शिकायत के अनुसार, यह घटना 21 मई, 2025 की है। उस समय पीएसओ मनोहर सिंह ने कथित तौर पर राहुल घोष को फ़ोन किया था। फ़ोन आने के बाद, राहुल घोष दुर्गापुर में मौजूदा सांसद से उनके सरकारी आवास पर मिलने गये। राहुल घोष ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया कि श्री आज़ाद ने उनसे 15 लाख रुपये की मांग की थी और पैसे न देने पर उनकी हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपी) गैस उप-डीलरशिप बंद करने की धमकी दी थी। इसके अलावा, सांसद ने कथित तौर पर उन्हें अपनी ओर से स्थानीय व्यापारियों से पैसे इकट्ठा करने का आदेश भी दिया था।

एलपीजी उप-डीलर ने आरोप लगाया कि श्री आज़ाद के चार सहयोगियों ने भी उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने निर्देशों का पालन नहीं किया तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। रानीगंज पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट (एडीपीसी) के पुलिस उपायुक्त (मध्य ) ध्रुबा दास ने पुष्टि की कि लिखित शिकायत मिलने के बाद रानीगंज थाना ने जांच शुरू कर दी है।

हालांकि, श्री आज़ाद ने इस नये दर्ज मामले पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता एवं तृणमूल (ऋतब्रत समूह) के प्रमुख ऋतब्रत बनर्जी की कार्रवाई के बाद हुआ है, जिन्होंने हाल ही में फोरेंसिक जांच के लिए पश्चिम बंगाल केंद्रीय जांच विभाग (सीआईडी) को एक वायरल ऑडियो क्लिप सौंपी थी।

लीक हुई कथित फ़ोन रिकॉर्डिंग, जिसमें रेत माफिया के एक सदस्य और श्री आज़ाद के बीच बातचीत सुनाई देती है। इस मामले ने पूरे राज्य में ज़बरदस्त राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

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