कोलकाता , अगस्त 27 -- पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि लार्सन एंड टुब्रो राज्य में अपना विस्तार करना चाहती है और कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस. एन. सुब्रह्मण्यन कोलकाता में 10 एकड़ और ज़मीन की मांग कर रहे हैं।
श्री अधिकारी ने यह जानकारी न्यू टाउन में बंगाल सिलिकॉन वैली टेक हब में एल एंड टी के 'आनंद निकेतन ग्लोबल डिलीवरी और एआई कॉम्पिटेंसी सेंटर' के उद्घाटन के दौरान दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तैयार है और हिडको (आवास अवसंरचना विकास निगम) से उचित कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। प्रस्तावित विस्तार से राज्य में निवेशकों का बढ़ता हुआ भरोसा झलकता है। उन्होंने एल एंड टी को राज्य सरकार के सहयोग का भरोसा दिलाया।
श्री अधिकारी ने कहा, "एल एंड टी के अध्यक्ष ने दो महीने पहले हिडको को एक चिट्ठी भेजी थी कि उन्हें 10 एकड़ ज़मीन और चाहिए। हिडको के प्रबंध निदेशक इस पर ज़रूरी कार्रवाई करेंगे। हम तैयार हैं।"उद्घाटन के दौरान मौजूद सुब्रह्मण्यन ने, वरिष्ठ अधिकारियों और एल एंड टी समूह के नेतृत्व के साथ, नये केंद्र के उद्घाटन में शामिल हुए। इस केंद्र में दो टावरों में लगभग 7.48 लाख वर्ग फुट का कार्यस्थल है और यहां करीब 5,800 लोगों के काम करने की क्षमता है। इस सुविधा को कोलकाता, पश्चिम बंगाल और यहां के युवा श्रमशक्ति में भरोसा जताने वाला कदम बताते हुए श्री अधिकारी ने कहा कि यह केंद्र राज्य से कुशल पेशेवरों के पलायन को रोकने में मददगार साबित हो सकता है।उन्होंने कहा, "बंगाल में बहुत कुशल लोग हैं। युवा अब बंगाल और पश्चिम बंगाल छोड़कर दूसरे राज्यों और विदेशों में जा रहे हैं। मुझे लगता है कि एल एंड टी परियोजना के बाद वे फिर से अपने घर 'सिटी ऑफ़ जॉय' कोलकाता और हमारे शानदार राज्य पश्चिम बंगाल लौट आयेंगे।"श्री अधिकारी ने कहा कि नया कैंपस दर्शाता है कि पश्चिम बंगाल अपनी सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा के साथ जोड़ सकता है। उन्होंने कहा, "यह कैंपस एक सशक्त संदेश देता है। पश्चिम बंगाल अपनी संस्कृति से जुड़ा रहकर भी वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में सबसे ऊंचे स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकता है।"उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एल एंड टी के साथ मिलकर काम करेगी और कंपनी से बंगाल में अपने कामकाज का विस्तार करने का आग्रह किया।
श्री अधिकारी ने कहा, "एल एंड टी एक बहुत अच्छी और प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय कंपनी है। हमें एल एंड टी पर पूरा भरोसा और सम्मान है। अब मुझे उम्मीद है कि एल एंड टी समूह बार-बार यहां आएगा और और ज़्यादा निवेश करेगा। राज्य सरकार आपकी टीम के साथ पूरे दिल से सहयोग करने के लिए तैयार है।" उन्होंने कहा कि सरकार पढ़े-लिखे युवाओं के लिए नौकरियां उत्पन्न करने और राज्य के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से बनाने पर ध्यान दे रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा, साइबर सुरक्षा, चिप डिज़ाइन, ऑटोमेशन और डिजिटल निर्माण जैसे उभरते हुए क्षेत्र के हिसाब से शिक्षा को ढालने के लिए उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी को मज़बूत किया जायेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना और पीएमईजीपी जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया, जो उद्यमियों और छोटे व्यवसायों के लिए ऋण तथा अवसरों तक पहुंच का विस्तार करने के साधन हैं। उन्होंने ऊर्जा दक्षता, स्मार्ट बिल्डिंग प्रबंधन, जल संरक्षण एवं हरित भवन प्रथाओं पर केंद्र के ध्यान का स्वागत किया और कहा कि आर्थिक विकास के साथ-साथ जिम्मेदार विकास को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, नागपुर और विदेशों में काम कर रहे बंगाली पेशेवरों से भी राज्य में वापस लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार एवं निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आने वाले रक्षाबंधन के उत्सव का उल्लेख करते हुए श्री अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 4,000 कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे जो इस त्योहार को एकता और देशभक्ति के व्यापक संदेश से जोड़ेंगे।
स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बंगाल की सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए बदलाव लाना है।
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