कोलकाता , मई 17 -- पश्चिम बंगाल सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कृषि विपणन एवं पशु संसाधन मंत्री दिलीप घोष ने रविवार को कहा कि राज्य में किसी प्रकार के अतिक्रमण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हावड़ा और सियालदह स्टेशनों में सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजरों का उपयोग करने के संदर्भ में पत्रकारों से बात करते हुए श्री घोष ने कहा कि सरकार सभी प्रकार के अवैध कब्जे एवं अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी।
उन्होंने कहा, " पूरे देश में जहां भी अवैध निर्माण पाए जाएंगे वहां बुलडोजर चलाए जाएंगे। बंगाल की नई सरकार ने पहले दिन से ही यह शुरू कर दिया है। ऐसे गैरकानूनी कामों में शामिल लोगों को कानून के दायरे में रहकर काम करना चाहिए। सरकार लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी लेकिन सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने शनिवार शाम को हावड़ा रेलवे स्टेशन के पास एक बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जिसमें इलाके में कई कथित अतिक्रमणों एवं अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त किया गया।
यह अभियान नागरिक प्राधिकरणों द्वारा बुलडोज़रों एवं भारी मशीनरी की सहायता से चलाया गया और किसी भी अप्रिय घटना से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत किया गया।
अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान पूरे राज्य में अवैध निर्माणों एवं अतिक्रमणों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। यह अभियान दक्षिण-पूर्वी कोलकाता के तिलजाला में हाल ही में हुई अग्निकांड की पृष्ठभूमि में शुरू किया गया है जिसमें दो लोगों की जान चली गई थी।
इस घटना के बाद, भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनधिकृत संरचना की बढ़ती संख्या पर सवाल उठाए गए, जिसके कारण प्रशासन को कई इलाकों में बेदखली एवं विध्वंस अभियान शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया।
अधिकारियों ने सियालदह रेलवे स्टेशन के आसपास के इलाके से फेरीवालों को हटाने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि तोड़फोड़ की कार्रवाई से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
उन्होंने कहा, "अगर कोई अवैध निर्माण मिलता है तो पहले नोटिस जारी किया जाएगा और कब्जेदार से संबंधित दस्तावेज मांगे जाएंगे। वैध दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर ऐसी संरचनाओं के निर्माण की अनुमति नहीं दी जा सकती। हम जल्दबाजी में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और निवासियों को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए पर्याप्त समय दे रहे हैं।"बेदखली अभियान का समर्थन करते हुए, भाजपा नेता रुद्रनील घोष ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करने में विफल रही थी।
हालांकि, तिलजाला और अन्य क्षेत्रों में इसी तरह के अभियानों से प्रभावित कई लोगों ने प्रशासन की अचानक कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि विध्वंस कार्य शुरू होने से पहले परिवारों को आवश्यक सामान एवं महत्वपूर्ण दस्तावेज निकालने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।
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