कोलकाता , जून 22 -- पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य में शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक स्थलों के एक किलोमीटर के भीतर शराब का कोई नया लाइसेंस जारी नहीं किया जायेगा और कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकार क्षेत्रों में 500 मीटर का छोटा दायरा तय किया गया है।
विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने कहा कि यह प्रतिबंध नये शराब लाइसेंसों पर लागू होगा। उन्होंने बताया कि कोलकाता की घनी शहरी बसावट और विद्यालयों, महाविद्यालयों, मंदिरों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बेहद पास-पास होने के कारण इसे अलग श्रेणी में रखा गया है।
इस अंतर का सबसे बड़ा असर कोलकाता में देखने को मिल सकता है, जहां समान रूप से एक किलोमीटर का प्रतिबंध लागू करने से कई इलाकों में नये लाइसेंस की गुंजाइश बेहद कम हो जाती। शहर के बड़े हिस्से में स्कूल, कॉलेज, मंदिर और मिश्रित उपयोग वाले बाजार एक-दूसरे के पास स्थित हैं, जिससे नये आवेदनों को पूरी तरह से रोके बिना राज्य-स्तरीय मानक को लागू करना कठिन हो जाता।
यह संशोधित ढांचा राज्य सरकार की उस पिछली घोषणा के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि बंगाल में विद्यालयों, महाविद्यालयों और मंदिरों के एक किलोमीटर के भीतर किसी भी नयी शराब दुकान की अनुमति नहीं दी जायेगी।
सोमवार को बजट में की गयी घोषणा ने उस व्यापक नीति को तो बरकरार रखा है, लेकिन केएमसी क्षेत्र को विशेष छूट दी है, जिसके तहत इस प्रतिबंधित दायरे को आधा कर 500 मीटर कर दिया गया है।कोलकाता को मिली छूट के बावजूद, यह कदम राज्य की आबकारी व्यवस्था को काफी सख्त बनाने वाला है। पश्चिम बंगाल में कुछ खास संस्थानों के पास शराब की दुकानों को लेकर दूरी संबंधी प्रतिबंध पहले से ही लागू थे, लेकिन ताजा फैसले ने नये लाइसेंस जारी करने की शर्तों को काफी कड़ा कर दिया है और नयी दुकानों को खोलने की जगहों को लेकर सरकार के सख्त रुख का संकेत दिया है।
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