कोलकाता , मार्च 04 -- पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने बुधवार को एक वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी के कथित तौर पर आय से ज़्यादा संपत्ति के बारे में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आरोपों को गलत बताया। इस नये घटनाक्रम के सामने आने के बाद राज्य में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है।
सीईओ कार्यालय ने अपने आधिकारिक एक पोस्ट में टीएमसी नेता और राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य को आयोग के प्रवक्ता के साथ टैग करते हुए, शीर्ष अधिकारी के वित्तीय पृष्ठभूमि के बारे में दावों का जवाब दिया।
पोस्ट में कहा गया कि शीर्ष अधिकारी की पत्नी शादी से पहले ही अपनी सम्पति की मालिक थीं और 1983 से नियमित रुप से आयकर रिटर्न फाइल कर रही थीं।
पोस्ट में कहा गया, "उनके सभी वित्तीय मामले पारदर्शी और कानूनी हैं।" पोस्ट में कहा गया: ''बिना वजह किसी को बदनाम करने और फांसी पर लटकाने की कोशिश की जा रही है। सच और कानून का राज जीतेगा।''यह विवाद तब शुरू हुआ जब भट्टाचार्य ने सोमवार रात को 2013 की एक न्यूज़ रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया और वरिष्ठ अधिकारी पर निशाना साधा। उन्होंने अपनी पोस्ट में उनके नैतिक मूल्यों पर सवाल उठाते हुए लिखा कि उन्होंने अधिकारियों को उनकी "लक्ष्मण रेखा" की याद दिलाई थी और सेवा नियम के बारे में लंबी बात की थी, लेकिन सीबीआई के आरोपपत्र में कथित तौर पर उनकी पत्नी और ससुर से जुड़े गैर-कानूनी सम्पतियों और 30 बैंक खातों का ज़िक्र होने के बाद उनके नैतिक मूल्यों पर सवाल बने हुए हैं।
देबांग्शु भट्टाचार्य और सुदीप राहा समेत कई टीएमसी नेताओं ने अधिकारी की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया पर कई पोस्ट के ज़रिए हमला किया। हालांकि, सीईओ के कार्यालय ने आरोपों को साफ तौर पर खारिज कर दिया और संबंधित अधिकारी की ईमानदारी का बचाव किया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित