कोलकाता , मई 25 -- पश्चिम बंगाल में बिना वैध दस्तावेजों के दाखिल होने के आरोप में सोमवार तक एक दर्जन 'बंगलादेशी' नागरिकों को राज्य में बने दो नये 'होल्डिंग सेंटरों' में भेज दिया गया है।

पहचान किये गये घुसपैठियों को बंगलादेश वापस भेजने से पहले अस्थायी रूप से रखने के लिए ये 'होल्डिंग सेंटर' बनाये गये हैं। ये सेंटर क्रमशः मुर्शिदाबाद जिले के लालगोला और मालदा जिले के इंग्लिश बाजार में शुरू हुए हैं।

राज्य सरकार ने पश्चिम बंगाल में रह रहे अवैध विदेशी नागरिकों और घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने के सख्त निर्देश जारी किये थे। इन निर्देशों के महज 24 घंटे बाद ही इन घुसपैठियों को दोनों 'होल्डिंग सेंटरों' में भेजा गया है।

पुलिस और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सोमवार को मुर्शिदाबाद जिले के रानीतला थाना क्षेत्र से तीन संदिग्ध घुसपैठियों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि ये लोग भारत में रहने की अनुमति देने वाला कोई भी वैध दस्तावेज पेश करने में नाकाम रहे। हिरासत में लिये गये लोगों की पहचान मोहम्मद सलीम, मोहम्मद रुबेल और शरीफुल इस्लाम के रूप में हुई है।

इंग्लिश बाजार के विधायक अमलान भादुड़ी के अनुसार, रविवार को नौ बंगलादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें इस नये केंद्र में शिफ्ट किया गया था। वहां उनके लिए भोजन और बुनियादी जरूरतों के इंतजाम भी किये गये हैं। विधायक भादुड़ी ने कहा कि मौजूदा कानूनी प्रक्रियाओं के तहत इन चिह्नित लोगों को निर्वासन से जुड़ी औपचारिकताओं के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंप दिया जायेगा।

उन्होंने आगे कहा कि पूरे मालदा जिले में सत्यापन और पहचान की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। आमतौर पर ऐसे घुसपैठियों को गिरफ्तारी के बाद सीधे जेल भेज दिया जाता था। ताजा दिशा-निर्देशों के बाद प्रशासन ने अपने रवैये में बदलाव किया है।

हाल ही में राज्य के गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (डीएम) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को सख्त निर्देश भेजा था। इसमें हिदायत दी गयी थी कि विदेशी अधिनियम के तहत दर्ज बंगलादेश और म्यांमार के अवैध प्रवासियों को, जिनमें रोहिंग्या भी शामिल हैं, अब सामान्य कैदियों के साथ नियमित जेलों में न रखा जाए।

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