सिलीगुड़ी , जून 28 -- पश्चिम बंगाल के उत्तरी पहाड़ी इलाकों और विशेष रूप से भूटान में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से कई नदियों का पानी तटबंधों को तोड़कर बाहर आ गया है, जिससे जलपाईगुड़ी के मध्य द्वार इलाके और आस-पास के इलाकों में भारी बाढ़ की स्थिति बन गयी है।

राज्य के अलीपुरद्वार जिले के जयगांव में तोर्सा नदी पर बना अस्थायी रास्ता रविवार को बह गया। इससे भारत-भूटान के बीच वाहनों की आवाजाही ठप हो गयी है। मौजूदा पुल को भारी वाहनों के लिए असुरक्षित घोषित किये जाने के बाद पिछले वर्ष इस अस्थायी रास्ते का निर्माण किया गया था, ताकि भारी गाड़ियां आ-जा सकें। हालांकि, मूल पुल से हल्के वाहनों का आना-जाना अब भी जारी है।

रात भर हुई भारी बारिश के बाद भारत-भूटान को जोड़ने वाली सड़क पानी में डूब गयी है, जिससे आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

जलपाईगुड़ी जिले के बानरहाट में स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले निवासियों से अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। इस इलाके में पिछले वर्ष मानसून के दौरान भी भारी बाढ़ आयी थी।

इस बीच तीस्ता और महानंदा नदियों में भी पानी का भारी बहाव आ रहा है। तीस्ता बैराज के अधिकारी अतिरिक्त पानी छोड़ रहे हैं और निचले इलाकों के निवासियों को सावधान करने के लिए सायरन बजा रहे हैं।

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